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बंगाल में गिरफ्तार हुए माओवादी नेता, CM शुभेंदु बोले- लाल आतंक की वापसी…


पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा पूर्व मेदिनीपुर जिले में एक शीर्ष माओवादी नेता की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य में ‘लाल आतंक’ की वापसी बर्दाश्त नहीं करेगी.

मुख्यमंत्री ने जिले के पटाशपुर क्षेत्र के ललाट गांव से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और पश्चिम बंगाल राज्य समिति-1 के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बल की सराहना की.

मोआवादी नेता गिरफ्तार

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, आकाश माओवादी कमांडर मल्लोजुला कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी का करीबी सहयोगी था, जिसे 2011 में सुरक्षा बलों ने झारग्राम के जंगलों में मार गिराया था.

शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “अंतरराज्यीय वन क्षेत्रों में 15 वर्षों से अधिक समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते रहे आकाश को सटीक तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया जाना हमारे पुलिस बल की असाधारण अभियान क्षमता को दर्शाता है.”

उन्होंने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की सीमाओं के भीतर ‘लाल आतंक’ के नेटवर्क को फिर से खड़ा करने या उसका विस्तार करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी. किसी भी उग्रवादी विचारधारा को लोगों की सुरक्षा और राज्य के विकास को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी.”

‘लाल आतंक’ की वापसी नहीं बर्दाश्त

मुख्यमंत्री ने कहा, “कानून ऐसे किसी भी दुस्साहसिक प्रयास को पूरी कठोरता से कुचलने की दिशा में काम करेगा.” आकाश को लंबे समय से पश्चिम बंगाल में माओवादी संगठन के प्रमुख नेताओं में से एक माना जाता रहा है. सूत्रों के अनुसार, वह चिकित्सीय उपचार के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से पटाशपुर आया था.

सूत्रों ने बताया कि उसकी तबीयत खराब है और वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित है. उम्र बढ़ने के कारण सुरक्षा बलों से बचते हुए पहाड़ी इलाकों में लंबी दूरी तक पैदल चलना भी उसके लिए मुश्किल हो गया था. आकाश 1980 के दशक में कॉलेज के दिनों से ही वामपंथी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.

उसने पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा से लगे जंगलों में करीब चार दशक बिताए हैं. इसमें 2004 में भाकपा (माओवादी) के गठन के बाद का दौर भी शामिल है. पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य किशनजी की मौत के बाद आकाश को भाकपा (माओवादी) का राज्य सचिव बनाया गया था. सूत्रों के मुताबिक, उसने हाल ही में पार्टी की राज्य सैन्य शाखा को भंग कर दिया था, जो करीब ढाई दशक तक सक्रिय रही थी.

आकाश को पकड़ने के लिए हाल के महीनों में पश्चिम बंगाल-झारखंड अंतरराज्यीय सीमा से लगे जंगलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया था, लेकिन वह सुरक्षा बलों को चकमा देकर बच निकलने में सफल रहा था. इस अभियान के दौरान झारखंड के रोल्लाहातु क्षेत्र से दो इंसास राइफल, 103 कारतूस और छह मैगजीन बरामद की गई थीं.

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