- यह विकसित भारत की प्रक्रिया 2021 से जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘विकसित भारत @2047’ के विजन पर केंद्रित चिंतन शिविर के मुद्दे पर बुधवार-गुरुवार (23-24 सितंबर, 2026) को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक करने वाली है. यह मंत्रिपरिषद की एक औपचारिक बैठक है. इसमें अब तक हुए कामों का जायजा लेने के साथ-सथ भविष्य की योजना बनाने, सरकार के स्तर पर चल रहे कामों की समीक्षा करने और विकसित भारत @2047 की दिशा में नए विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान करने पर फोकस किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, ‘विकसित भारत’ की यह कवायद 2021 से चल रही है. ‘विजन@2047’ और इसके लिए शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म रोडमैप तैयार करने के लिए सचिवों के 10 सेक्टर-वार समूह बनाए गए थे. इस कवायद के लिए संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ व्यापक विचार-विमर्श भी किया गया था. तब से लेकर अब तक ‘विकसित भारत @2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के सामने 8 प्रेजेंटेशन/चर्चाएं हो चुकी हैं और मौजूदा ‘चिंतन शिविर’ इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है.
चिंतन शिविर में क्या-क्या होगा?
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस चिंतन शिविर में सचिवों के समूहों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग की तरफ से किए जा रहे कामों को एक साथ लाया जा रहा है. इनमें सुधार, ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाना), अनुपालन (कम्प्लायंस) के बोझ को कम करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं.
यह कोई अकेला चिंतन शिविर नहीं है, बल्कि 23 और 24 सितंबर को चर्चा के दो दौर के बाद, आने वाले दिनों में और भी दौर आयोजित किए जाएंगे.
चिंतन शिविर में बोले थे पीएम मोदी?
केंद्र सरकार की तरफ से इससे पहले भी कई बार चिंतन शिविर का आयोजन किया गया जा चुका है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा के साथ-साथ कई अन्य मुद्दों पर अपने संबोधन दिए हैं. पीएम मोदी ने पिछली बार चिंतन शिविर में कहा था कि आजादी का अमृतकल हमारे सामने है. आने वाले 25 साल देश में एक अमृत पीढ़ी के निर्माण के हैं. यह अमृत पीढ़ी पंच प्राणों के संकल्पों को धारण करके बनेगी.
यह भी पढ़ेंः CM सम्राट चौधरी बोले, ‘अपराधी की जाति नहीं होती, पुलिस को चैलेंज किया तो…’
