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बांग्लादेश से रिश्तों पर भारत ने साफ किया स्टैंड – ‘मौजूदा समय में…’


18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आमंत्रण को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच बयानबाजी के बाद अब नई दिल्ली ने ढाका के साथ अपने रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत बांग्लादेश के साथ एक सकारात्मक, रचनात्मक और दूरदर्शी संबंध चाहता है और दोनों देशों के बीच जो द्विपक्षीय मुद्दे हैं, उन पर चर्चा के लिए भी तैयार है.

विदेश मंत्रालय ने भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार (22 सितंबर, 2026) को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को लेकर किए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘हमने पहले भी कहा है कि हम बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और दूरदर्शी संबंध चाहते हैं. हमारे पास जो स्ट्रक्चर्ड मैकेनिज्म मौजूद हैं, उनके माध्यम से हम अपने सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं. यही हमारा उद्देश्य है. हम इस संबंध को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में दूरदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना चाहते हैं.’ 

भारत से रिश्ते सुधारने के लिए बांग्लादेश ने रखी शर्त

वहीं, दूसरी तरफ बांग्लादेश ने भारत के साथ अपने रिश्तों में सुधार लाने के लिए बड़ी शर्त रखी है. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना और प्रसारण मामलों के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने पिछले हफ्ते बुधवार (16 सितंबर, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत के सामने रिश्तों को सुधारने के लिए शर्त रख दी.

रहमान ने कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग के अन्य नेताओं का प्रत्यर्पण ही भारत के साथ रिश्ते सुधारने के लिए अहम शर्त होगी. उन्होंने यह भी कहा था कि ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी.

कई बार भारत का दौरा टाल चुके हैं तारिक रहमान

बांग्लादेश के आम चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद नई दिल्ली की तरफ से बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को कई बार भारत आने का न्योता दिया गया है, लेकिन तारिक रहमान अब तक भारत के दौरे पर नहीं आए हैं.

भारत ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेने के लिए बिम्सटेक अध्यक्ष के तौर पर भी बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान को आमंत्रित किया था, लेकिन वह भारत दौरे पर नहीं आए.

वहीं, दूसरी ओर ब्रिक्स समिट से पहले बांग्लादेश की तरफ से कहा गया था कि तारिक रहमान को ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भारत की तरफ से निमंत्रण ही नहीं दिया गया था, जबकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि तारिक रहमान को दो बार आमंत्रित किया गया था. पहला भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भेजा गया था. 

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