उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रधानमंत्री बनना नहीं चाहते या वो अभी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुद के पीएम बनने के सवाल पर जवाब दिया. यह जवाब एक ओर तो उनके खुद के लिए ‘न’ था वहीं अप्रत्यक्ष तौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लिए समर्थन दिखा.
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश से पूछा गया- आप पीएम कब बनेंगे? इस पर कन्नौज सांसद ने कहा- यूपी तक रखो हमें, आगे मत जाने दो.
चुनाव से पहले अखिलेश ने किए बड़े ऐलान
इससे पहले अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात के दौरान कहा कि उन्होंने अपने समय के अन्याय और संघर्ष की यादें ताजा कीं और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों के सुझावों को लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को वर्तमान में मिलने वाली सम्मान राशि बहुत कम है, इसलिए सपा सरकार बनने पर उन्हें 51 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी. साथ ही उनका पूरा इलाज मुफ्त होगा और ट्रेन, बस के किराए समेत अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी.
यूपी राज्यसभा चुनाव पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बीजेपी खेमे में बढ़ी मुश्किल
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस काल में पीडीए पर अत्याचार होगा, वह हर काल आपातकाल होगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार मुख्य नगरी जाते हैं और सच्चाई दिखाने पर मुकदमे दर्ज हो जाते हैं. आज हम भाजपा के आपातकाल के दौर से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जैसे पहले लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी थी, वैसे ही आगे भी लड़ेंगे. भाजपा माइक्रोस्कोप से भी मैनेजमेंट करेगी, तब भी वह हार जाएगी.
शाहजहांपुर में हत्या की घटना को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें घटना के कारण की जानकारी नहीं है, लेकिन खबर मिली है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में सच्चे साधुओं को सम्मान नहीं मिल रहा है. यह आपातकाल बहुत घातक है और हमारे सामाजिक ताने-बाने को खराब कर रहा है. अदालत की टिप्पणियों और जुर्माने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपये के जुर्माने से बचने के लिए कई लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही है.
