दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से सरकारी अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से किए जाने के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है. शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट ने पुलिस को मामले में अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी.
दरअसल, यह मामला 23 सितंबर 2025 का है. शिकायत के मुताबिक, दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बड़ौत के लिए DTC बस सेवा शुरू करने के मौके पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को लेकर टिप्पणी की थी. यह कार्यक्रम सार्वजनिक था और इसमें सरकारी अधिकारी, अन्य लोग और आम जनता मौजूद थी.
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सीएम रेखा गुप्ता ने भगवान हनुमान से की थी अधिकारियों की तुलना
शिकायतकर्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की तुलना हनुमान से करते हुए कहा था कि दिल्ली सरकार के अधिकारी हनुमान जैसे हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि जब उनकी पूंछ में आग लगती है तभी उन्हें अपनी पूरी ताकत याद आती है, उससे पहले वे इसे भूल जाते हैं. मुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि हनुमान जी उन्हें इसलिए याद आए क्योंकि वे मरघट वाले बाबा के दरवाजे पर बैठे हैं.
बयान को लेकर उठे सवाल
शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा का आरोप है कि यह टिप्पणी एक सरकारी कार्यक्रम में सार्वजनिक तौर पर की गई थी और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे सुना. उनका कहना है कि इस टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और इसलिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
शिकायत पर सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने दिल्ली पुलिस से मामले में रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने पुलिस को 15 अक्टूबर तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. अगली सुनवाई में पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा.
अभी FIR दर्ज करने का आदेश नहीं
फिलहाल कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश नहीं दिया है. कोर्ट ने पहले दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है. अब अगली सुनवाई में पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले में आगे का फैसला होगा.
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