भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार (5 अक्टूबर, 2026) को पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता की वकालत करने के बयान पर पलटवार किया है. BJP ने मणिशंकर अय्यर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह एक बार फिर से पड़ोसी देश (पाकिस्तान) में जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को भड़काना चाहते हैं.
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पुरी से लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यह वही मणिशंकर अय्यर है, जो पाकिस्तान गए थे. वहां उन्होंने कहा था कि अब हमें मोदी सरकार को गिराना है और नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री पद से हटाना है.’ उन्होंने कहा, ‘वह एक बार फिर से वहां (पाकिस्तान) जाना चाहते हैं और एक इंटरव्यू देना चाहते हैं. वह भारत में सिर्फ रैलियां करने या विरोध प्रदर्शन करके संतुष्ट नहीं हैं.’
पाकिस्तान जाना चाहते हैं जयशंकर- संबित पात्रा
कांग्रेस नेता के बयान पर पलटवार करते हुए BJP सांसद संबित पात्रा ने सोमवार (5 अक्टूबर, 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ‘अब वह पाकिस्तान भी जाना चाहते हैं और वहां अपील करना चाहते हैं कि पाकिस्तान में भी भारत सरकार के खिलाफ रैलियां होनी चाहिए. इसीलिए मणिशंकर अय्यर ऐसे बयान दे रहे हैं कि पाकिस्तान के साथ जल्द शांति होनी चाहिए. और वह ऐसे ही बयान देने के लिए पाकिस्तान जाना चाहते हैं.’
मणिशंकर अय्यर ने मोदी सरकार को लेकर क्या कहा था?
Srinagar, Jammu and Kashmir: On Pakistan and China, Congress leader Mani Shankar Aiyar says, “I’ve explained it at great length. I can’t explain it at such length here. But we are being seen as hypocritical. Because we tell the world this is not an era of war, and then we go to war with Pakistan. We say that there should be diplomacy and dialogue. The only countries with which we don’t have diplomacy and dialogue is Pakistan. And with China, we have annoyed them by joining Quad. And now even America is saying that Quad doesn’t matter. So what kind of a diplomacy is this? It has nothing to do with our strategic autonomy. It has everything to do with trying to play both sides against the middle. This is transactional, it’s not moral.”
— IANS (@ians_india) October 4, 2026
दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने रविवार (4 अक्टूबर) को श्रीनगर में पांचवें ‘हल्ला बोल’ सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में पाकिस्तान के साथ वार्ता से इनकार करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीतियों की आलोचना की. उन्होंने अटारी-वाघा सीमा पर बातचीत करने का सुझाव दिया और कहा कि अतीत के मुद्दों को लेकर बहस करना विदेश नीति नहीं है.
इसके साथ ही, उन्होंने मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस है, लेकिन मुद्दों पर सुलझाने की इच्छाशक्ति नहीं है. भारत को पाखंडी के रूप में देखा जा रहा है और ऐसा इसलिए है क्योंकि हम दुनिया से कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन फिर पाकिस्तान के साथ युद्ध करने लगते हैं.’
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