दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की लिस्ट से हटा दिया है और उसकी जगह तीन नए स्थान इसके लिए निर्धारित किए गए हैं. इस मसले पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार डरकर बौखला गई है और ये उसी का नतीजा है. उन्होंने कहा कि आप किसी के प्रदर्शन करने के अधिकार को नहीं छीन सकते हैं.
जंतर मंतर अब प्रोटेस्ट साइट नहीं रहा, इस सवाल पर वारिस पठान ने कहा, ”तमाम देशवासियों ने देखा जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट अनाउंस हुआ. सैकड़ों लाखों की संख्या में लोग जमा हो गए, Gen-Z आ गया, तमाम लोग आए. पहले स्टूडेंट ने प्रोटेस्ट किया, फिर अभी दूसरा प्रोटेस्ट सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर शुरू हुआ तो सरकार को लग रहा होगा कि यहां पर ट्रैफिक जाम हो रहा है, ये हो रहा है, वो हो रहा है. कहीं ना कहीं केंद्र सरकार बौखला गई है, घबरा गई है. ये डर और बौखलाहट का नतीजा है.”
प्रोटेस्ट करना संवैधानिक अधिकार है- वारिस पठान
AIMIM नेता ने आगे कहा, ”सरकार को ऐसा लग रहा है कि दूसरी जगह पर प्रदर्शन कीजिए. प्रोटेस्ट करना संवैधानिक अधिकार है. आर्टिकल 19 शांतिपूर्वक प्रोटेस्ट करने की इजाजत देता है. गवर्नमेंट की किसी नीति के खिलाफ किसी को भी प्रोटेस्ट करने का अधिकार है, आप उससे वो छीन नहीं सकते है. मैं सुना कि दो-तीन जगह प्रदर्शन के लिए तय किया गया है.”
बात बराबरी की होनी चाहिए- वारिस पठान
इंडिया ब्लॉक में जो पार्टियां हैं वो एक साथ आकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उसमें एआईएमआईएम कहीं नहीं है. उसे कैसे देखते हैं? AIMIM का क्या स्टैंड है? इस सवाल पर वारिस पठान ने कहा, ”देखिए भाई, इंडिया ब्लॉक का हम तो हिस्सा हैं ही नहीं. अब वो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, करिए. साहब ने बताया ना बेगानी शादी में तो वो कर रहे हैं और हम लोगों की एक ही बात है कि बात बराबरी की होनी चाहिए, हिस्सेदारी की होनी चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा, ”हम इनको बोल रहे हैं आइए साथ में मिलके चुनाव लड़ेंगे, अलायंस करेंगे, बीजेपी को हराएंगे. मगर बात ही नहीं करने को तैयार हैं, ना फोन करने को तैयार हैं, कुछ नहीं करने को तैयार है तो ठीक है, आप करिए.
विपक्षी दलों के मार्च पर अभिजीत दीपके बोले, ‘एक बार फिर लोगों का…’
