मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोट चोरी के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन जारी हैं. इस दौरान इंडिया गठबंधन के घटक दलों द्वारा सीईसी के इस्तीफे की मांग की जा रही है. इस बीच जनसुराज संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आई है. प्रशांत किशोर ने कहा, “देश में समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग जिसकी आज चुनाव की प्रक्रिया से सहमति नहीं है वो आंदोलन कर रहा है.”
प्रशांत ने आगे कहा, “वो छात्र आंदोलन कर रहे हैं जो शिक्षा व्यवस्था से परेशान हैं. पेपर लीक से नाराज हैं. वो युवा आंदोलन कर रहे हैं जो बेरोजगारी से जूझ रहे हैं. ऐसे में जब तक यह समस्या नहीं निपटेगी तब तक यह आंदोलन किसी न किसी झंडे, किसी न किसी बैनर और किसी न किसी नेता के नेतृत्व में चलता ही रहेगा. रुकने वाला नहीं है.”
राहुल गांधी भी चाहेंगे तो नहीं रुकेगा- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने मुद्दे पर आगे कहा कि हम पिछले कई महीनों पहले भी यह कह चुके हैं कि अगर ये रुक जाएगा या मैनेज कर लिया जाएगा. अगर राहुल गांधी भी चाहेंगे तो भी नहीं रुकेगा क्योंकि लोगों की जो समस्या है उसको लेकर लोग नाराज हैं और सड़क पर डंडा खाने को तैयार हैं, लेकिन चुप बैठने को तैयार नहीं हैं.
प्रशांत किशोर ने समस्याओं पर कहा, “देश में मुख्य समस्या शिक्षा का जो बड़े स्तर पर व्यवसायिककरण हुआ है, कोचिंग संस्थाओं का जो प्रभुत्व बढ़ा है. उससे पेपर लीक होना शुरू हुआ. साथ ही अर्थव्यस्था में जो गिरावट आई है और एआई के प्रभाव की वजह से वाइट कॉलर जॉब में भारी कमी आ रही है.”
‘लाखों बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है’
उन्होंने आगे कहा, “जो बच्चे पढ़ लिखकर निकल रहे हैं पहले उनको बड़ी संख्या में टीसीएस, इन्फोसिस जैसी कंपनियां हायर करती थीं. अब वाइट कॉलर वाले लाखों बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है.” विधायक का यह भी कहना है कि अर्थव्यवस्था या कृषि में जो कमजोरी है और जो गरीब था वो पहले से परेशान था. अब यह दोनों जुड़ गए. ऐसे में शिक्षा, शिक्षा का व्यवसायिककरण, पेपर लीक और बेरोजगारी को अगर जोड़ें तो समाज का एक बड़ा वर्ग इससे प्रभावित है और इसलिए यह आक्रोश देश में दिख रहा है.
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