मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आज (मंगलवार, 13 अक्टूबर) को पटना में भी विरोध प्रदर्शन होने वाला है. CEC को पद से हटाने और SIR प्रकिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर राजभवन मार्च का आह्वान किया गया है. इस प्रदर्शन में लेफ्ट छात्र संगठन AISA, RYA शामिल होंगे. संभावना है कि इसमें बड़ी संख्या में युवा जुटेंगे और लेफ्ट के प्रमुख नेता भी शामिल होंगे.
मार्च का समय सुबह 11.00 बजे निर्धारित किया गया है. प्रदर्शनकारी गांधी मैदान जेपी गोलंबर से मार्च शुरू करेंगे और राजभवन तक जाएंगे. प्रोटेस्टर्स राज्यपाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपना चाहते हैं. हालांकि, बता दें कि इस मार्च की अनुमति नहीं है. पटना प्रशासन ने गर्दनीबाग धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन की इजाजत दी है.
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‘पटना की यातायात व्यवस्था का रखें ख्याल’
पटना जिला प्रशासन ने सभी संगठनों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से रखने के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का ही उपयोग करें. साथ ही, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और आम नागरिकों की सुविधा बनाए रखने में जिला प्रशासन को सहयोग करें. निर्धारित स्थल के अलावा दूसरी जगह धरना-प्रदर्शन करने, जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी.
दिल्ली में INDIA अलायंस का बड़ा मार्च
इससे एक दिन पहले 12 अक्टूबर को ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर हो रहे उग्र प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक जा पहुंचे. विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में कार्यकर्ताओं और नागरिक संस्थाओं के सदस्यों के साथ मिलकर भारी सुरक्षा घेरे वाले मार्ग पर ‘लोकतंत्र मार्च’ निकाला गया. इसी के साथ एसआईआर और चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एक संयुक्त याचिका दायर की गई. झंडे और पोस्टर लिए लोगों की भारी भीड़ मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस पहुंची. इस मार्च में लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, भाकपा के डी. राजा, माकपा नेता एम.ए. बेबी, राजद के तेजस्वी यादव और राकांपा (शप) नेता सुप्रिया सुले शामिल थे.
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