नवरात्र का त्योहार आते ही बाजार में पूजा-पाठ से जुड़ी चीजों की मांग बढ़ जाती है. मां दुर्गा की चुनरी, रोली, चंदन, सिंदूर, अक्षत, धूप, कपूर और हवन सामग्री जैसी चीजें खरीदने के लिए लोगों को अलग-अलग दुकानों पर जाना पड़ता है. लेकिन वाराणसी के मुर्दहा गांव की महिलाओं ने इस जरूरत को कमाई के अवसर में बदल दिया है. यहां माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पूजा की जरूरी सामग्री को एक ही पैक में तैयार कर रही हैं. उनके बनाए पूजा कॉम्बो पैक नवरात्र में ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं. इससे महिलाओं को रोजगार मिल रहा है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं.
हरहुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुर्दहा में माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिलकर पूजा कॉम्बो पैक तैयार कर रही हैं. इस काम में निहारिका देवी, सीमा देवी और समूह की दूसरी महिलाएं जुटी हुई हैं. कोई मां की चुनरी को सहेजती है, तो कोई रोली और चंदन तौलती है. कुछ महिलाएं सिंदूर, अक्षत, धूप, कपूर, कलावा और हवन सामग्री को एक साथ रखकर पैक तैयार करती हैं.
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इस तरह पूजा में काम आने वाली कई जरूरी चीजें एक ही पैक में मिल जाती हैं. इससे ग्राहकों को अलग-अलग दुकानों पर जाकर सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती. वहीं, महिलाओं को भी त्योहार के समय बढ़ने वाली मांग का फायदा मिल रहा है.
इन महिलाओं के लिए यह काम सिर्फ पूजा सामग्री तैयार करने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए वे अपनी मेहनत और हुनर को कमाई में बदल रही हैं. समूह में मिलकर काम करने से उन्हें एक-दूसरे का सहयोग भी मिलता है और अपने काम को आगे बढ़ाने का हौसला भी.
65 प्रेरणा मार्ट से मिल रहा स्थानीय उत्पादों को बाजार
किसी भी उत्पाद को तैयार करने के बाद उसे ग्राहकों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है. ग्रामीण महिलाओं के सामने भी यही समस्या रहती है कि वे अपने बनाए सामान को कहां बेचें और उनकी मेहनत का सही दाम कैसे मिले. वाराणसी में प्रेरणा मार्ट इस समस्या को दूर करने में मदद कर रहे हैं.
योगी सरकार की पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है. इन मार्ट में महिलाएं अपने बनाए सामान को ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं. इससे उन्हें केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं रहना पड़ता, बल्कि बिक्री और विपणन का अनुभव भी मिलता है.
उपायुक्त (स्व रोजगार) पवन कुमार सिंह के अनुसार, वाराणसी के आठ ब्लॉकों में आठ-आठ प्रेरणा मार्ट संचालित हैं. इसके अलावा जिला मुख्यालय पर एक मार्ट अलग से है. इस तरह जिले में कुल 65 प्रेरणा मार्ट चल रहे हैं. इनका संचालन भी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही करती हैं.
उत्पाद बनाने से लेकर बेचने तक की जिम्मेदारी
प्रेरणा मार्ट के जरिए महिलाएं अपने उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. ब्लॉक मिशन मैनेजर पूजा तिवारी के मुताबिक, इन मार्ट से महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने और उनके प्रचार-प्रसार का अवसर मिल रहा है. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे खुद को एक उद्यमी के रूप में स्थापित कर पा रही हैं.
मुर्दहा गांव की महिलाओं का पूजा कॉम्बो पैक इसी बदलाव की एक मिसाल है. नवरात्र के दौरान पूजा सामग्री की मांग को देखते हुए उन्होंने ऐसा उत्पाद तैयार किया है, जो ग्राहकों के लिए उपयोगी है. इस काम से महिलाओं को अपनी मेहनत का फायदा मिल रहा है. साथ ही, वे यह भी सीख रही हैं कि किसी उत्पाद को तैयार करने के बाद उसे बाजार में कैसे पहुंचाया जाए.
हुनर से मजबूत हो रही परिवार की आर्थिक स्थिति
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों के साथ अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिला है. समूह में काम करने से वे एक-दूसरे के अनुभव से सीख रही हैं और अपने कौशल को आगे बढ़ा रही हैं. पूजा कॉम्बो पैक तैयार करने का काम भी इसी दिशा में एक कदम है.
नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. इसी दौरान मुर्दहा की महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बनने की राह मजबूत कर रही हैं. प्रेरणा मार्ट के माध्यम से उनके उत्पादों को बाजार मिल रहा है. इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए अपने स्तर पर रोजगार शुरू करने और परिवार की आमदनी में योगदान देने की संभावनाएं बढ़ रही हैं.
महिलाओं ने बताया, कैसे बदल रही जिंदगी
माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की निहारिका देवी का कहना है, “नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के लिए प्रेरणा मार्ट के माध्यम से हमारे बनाए पैक लोगों तक पहुंच रहे हैं. इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल रही है. हमें खुशी है कि हम अपने काम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे पा रहे हैं.”
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वहीं, सीमा देवी ने कहा, “पहले हम घर के कामकाज तक ही सीमित रहते थे, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद कुछ नया करने का अवसर मिला है. सरकार की ओर से समूह की महिलाओं को आगे बढ़ने के ऐसे अवसर मिलना हमारे लिए उत्साह बढ़ाने वाला है.
उपायुक्त (स्व रोजगार), वाराणसी पवन कुमार सिंह ने कहा, “नवरात्र जैसे त्योहारों पर पूजा सामग्री के कॉम्बो पैक तैयार करना महिलाओं के लिए आमदनी बढ़ाने का अच्छा अवसर है. इससे उनके पारंपरिक कौशल को बाजार मिल रहा है और समूह के माध्यम से मिलकर काम करने की भावना भी मजबूत हो रही है.”
