बांग्लादेश की जेनजी क्रांति को प्रेरणा बताने वाली नेहा बोरा के बयान पर बवाल जारी है. अब उनके बचाव में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि भारत के पास महात्मा गांधी हैं. हम भारत के युवा, हमेशा महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते, यानी शांति और अहिंसा पर चलेंगे.
अभिजीत ने यह बयान AISF के अध्यक्ष विराज देवांग के एक वीडियो को रिपोस्ट करते हुए दिया है. देवांग ने अपने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि भारत के जेनजी को बांग्लादेश के विद्रोह से प्रेरणा लेने की कोई जरूरत नहीं है.
India has Mahatma Gandhi! We, the youth of India will always follow the path of Mahatma Gandhi that is peace and non-violence.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 15, 2026
हमारे पास अहिंसा का मॉडल, बोले- विराज देवांग
विराज देवांग ने वीडियो में कहा है कि हमारे पास मॉडल है. जिस अहिंसा के रास्ते पर चलकर इस देश ने आजादी हासिल की, जिस मॉडल को औपनिवेशिक वाले देशों ने अपनाया, अपनी आजादी को हासिल किया, वो मॉडल हमारे पास है, जिस मॉडल को नेलसन मंडेला ने भी, अपना बनाया. जिस संविधान से औपनिवेशिक देशों ने प्रेरणा लिया, वो संविधान हमारे पास है. जिस मूवमेंट से दुनिया ने प्रेरणा ली, वो हमारी प्रेरणा रही है, आजादी का आंदोलन.
देवांग ने कहा कि हमारे लिए नेपाल बांग्लादेश का मॉडल प्रेरणा देने वाला नहीं हो सकता. इंडिया के युवा को अगर प्रेरणा लेना है, तो प्रेरणा ले भारत के आजादी के आंदोलन से, जिसने इस देश को आजाद कराया और दुनिया को अहिंसा का रास्ता दिखाया.
नेहा के किस बयान पर हो रहा विवाद?
दरअसल, बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के छठे नेशनल कॉन्फ्रेंस के अवसर पर भेजे गए एक वीडियो में नेहा बोरा ने कहा है कि वह बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन और भारत में चल रहे जेनजी आंदोलन के बीच समानता देखती हैं.
नेहा ने कहा ‘हम आपको अपना लाल सलाम पेश करते हैं. हम जानते हैं कि आज देशभर में जो जेन-जी आंदोलन देखने को मिल रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी. हमें रास्ता दिखाने और हमारे साथ एकजुटता दिखाने के लिए बधाई.’
