आज के समय में मोबाइल इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन गया है. ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर ऑफिस के काम और जरूरी डॉक्युमेंट्स डाउनलोड करने तक, कई काम इंटरनेट पर डिपेंड हैं. ऐसे में अगर मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम न करे, तो लोगों को काफी परेशानी होती है. खासकर ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए कमजोर नेटवर्क बड़ी परेशानी बन सकता है.
छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां जिला उपभोक्ता आयोग ने एक छात्र को खराब नेटवर्क के कारण ऑनलाइन पढ़ाई में हुई परेशानी के मामले में राहत दी है. आयोग ने कंपनी को छात्र को कुल 14,000 रुपए देने का आदेश दिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक ऐसे छात्र से जुड़ा है, जो सितंबर 2023 से खराब नेटवर्क, धीमी इंटरनेट स्पीड, कॉल में परेशानी और बार-बार सिग्नल ज्ञब होने की परेशानी का सामना कर रहा था. छात्र का कहना था कि नेटवर्क की खराबी के कारण उसकी ऑनलाइन क्लास प्रभावित हो रही थीं. इसके अलावा, पढ़ाई से जुड़ी सामग्री डाउनलोड करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी परेशानी हो रही थी.
छात्र ने 21 सितंबर 2023 को कंपनी के अपीलीय प्राधिकरण को ईमेल के जरिए शिकायत की थी. हालांकि, कंपनी ने अगले दिन नेटवर्क की समस्या स्वीकार करते हुए इसे दूर करने में करीब छह महीने लगने की बात कही थी. लेकिन इसके बावजूद भी परेशानी बनी रही. अक्टूबर 2025 में कंपनी ने 10 दिनों के भीतर नेटवर्क में सुधार करने का आश्वासन दिया, लेकिन जनवरी में की गई शिकायत के बाद भी परेशानी दूर नहीं हुई.
कंपनी को क्यों देना पड़ा मुआवजा?
छात्र ने पाने शिकायत में सबूत के तौर पर नेटवर्क स्पीड टेस्ट, कंपनी को की गई शिकायतों और ऑनलाइन क्लास में आ रही दिक्कतों के स्क्रीनशॉट जैसे ठोस सबूत पेश किए. इन डॉक्युमेंट्स के आधार पर छत्तीसगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि कंपनी लगातार शिकायतों के बावजूद नेटवर्क की समस्या दूर करने में नाकाम रही.
आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए छात्र को 10,000 रुपये मुआवजा और 4,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में देने का निर्देश दिया. यानी कंपनी को कुल 14,000 रुपये का भुगतान करना होगा.
नेटवर्क की समस्या होने पर कहां करें शिकायत?
अगर आप भी मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट सेवा से परेशान हैं और कंपनी आपकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, तो आप उपभोक्ता हेल्पलाइन की मदद ले सकते हैं.
- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन: 1915
- छत्तीसगढ़ उपभोक्ता हेल्पलाइन: 1800-233-3663
कार चोरी, FIR में 3 दिन की देरी, फिर भी बीमा कंपनी को देने पड़े 4.68 लाख
