फिल्म की शूटिंग 2027 की शुरुआत में दिल्ली में शुरू होगी. इसकी कहानी पुरानी दिल्ली की जर्जर होती इमारतों और वहां की अनूठी दुनिया की पृष्ठभूमि पर आधारित है.
पुरानी दिल्ली में होगी कहानी की शुरुआत
भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अब लेखक-निर्देशक इशान शर्मा की पहली फीचर फिल्म ‘कबूतर’ में मुख्य भूमिका निभाते नज़र आएंगे. फिल्म का निर्माण निखिल चौधरी की कंपनी MDC फिल्मवर्क्स कर रही है. यह भारत, फ्रांस और नॉर्वे के बीच एक अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण है, जिसमें भारत की MDC फिल्मवर्क्स , फ्रांस की Haiku फिल्म्स और नॉर्वे की Rein फिल्म शामिल हैं. भारतीय पक्ष से रोहित सक्सेना सह-निर्माता की भूमिका निभा रहे हैं. फिल्म की मुख्य शूटिंग 2027 की शुरुआत में दिल्ली में शुरू होने वाली है.
पुरानी दिल्ली की जर्जर होती इमारतों और उसकी परतदार दुनिया की पृष्ठभूमि पर बनी ‘कबूतर’ की कहानी महबूब नाम के एक सड़कछाप जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है. महबूब गुप्त रूप से जिन्न के नाम लिखे गए खत पढ़ता है, ताकि संभावित ग्राहक तलाश सके. इसी दौरान उसकी मुलाकात नाओको से होती है, जो जापान से आई एक पर्यटक है और अपने अतीत के दर्द से जूझ रही है.
कहानी में रूबी नाम का एक छोटा बच्चा भी है, जो अपने माता-पिता की तलाश में है. फिल्म में अनोखेपन, भावनात्मक गहराई और मानवीय अनुभवों के विरोधाभासों को एक अलग अंदाज़ में पेश किए जाने की उम्मीद है. इस फिल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अपने अभिनय का एक नया पहलू दिखाते नज़र आएंगे.
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निर्माता ने की तारीफ
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए चुने जाने पर निर्माता निखिल चौधरी ने कहा, नवाज़ असाधारण अभिनय क्षमता वाले कलाकार हैं. वह ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में खतरनाक नज़र आ सकते हैं, तो ‘द लंचबॉक्स’ में उनका अभिनय दिल को छू लेने वाला और बेहद कोमल हो सकता है. वह उन चुनिंदा भारतीय अभिनेताओं में से हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत पहचान है.
उनकी फिल्में कई बार कान फिल्म महोत्सव तक पहुंची हैं और उन्हें इंटरनेशनल एमी के लिए भी नामांकित किया गया है. भारत-फ्रांस-नॉर्वे के सह-निर्माण वाली फिल्म ‘कबूतर’ को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिहाज़ से यह बेहद अहम है. इसके अलावा, नवाज़ दिल्ली को गहराई से जानते हैं. इशान और मेरे लिए यह फिल्म इस शहर के प्रति प्रेम-पत्र की तरह है. हमें ऐसे अभिनेता की ज़रूरत थी, जो दिल्ली को समझ सके, उसे महसूस कर सके और अपने अभिनय में जीवंत कर सके. नवाज़ ये तीनों खूबियां रखते हैं.
पिछले कई वर्षों में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने भारतीय सिनेमा के सबसे विशिष्ट अभिनेताओं में अपनी जगह बनाई है. जटिल, असामान्य और गहराई से मानवीय किरदारों को सहजता से निभाने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई है. उनकी चर्चित फिल्मों में अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, रितेश बत्रा की ‘द लंचबॉक्स’ और नंदिता दास की ‘मंटो’ शामिल हैं. इन तीनों फिल्मों का प्रीमियर कान फिल्म महोत्सव में हुआ था. इसके अलावा, उन्होंने नेटफ्लिक्स की चर्चित थ्रिलर सीरीज़ ‘सेक्रेड गेम्स’ में भी अभिनय किया और नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘सीरियस मेन’ में मुख्य भूमिका के लिए उन्हें इंटरनेशनल एमी पुरस्कार के लिए नामांकन मिला.
इशान शर्मा का सपना हुआ पूरा
लेखक-निर्देशक इशान शर्मा के लिए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का इस प्रोजेक्ट से जुड़ना लंबे समय से देखे गए एक रचनात्मक सपने के साकार होने जैसा है. शर्मा ने नांत में आयोजित Festival des 3 Continents की प्रोडक्शन और स्टोरीटेलिंग वर्कशॉप के दौरान इस फिल्म की पटकथा विकसित की थी. इस वर्कशॉप को पहले Produire au Sud Workshop के नाम से जाना जाता था.
नवाज़ुद्दीन के साथ काम करने को लेकर इशान शर्मा ने कहा, नवाज़ लेखकों और निर्देशकों की एक पूरी पीढ़ी के लिए पर्दे के पीछे से प्रेरणा और सहयोग का स्रोत रहे हैं. मैं भी उनमें से एक हूं. हम उनके अभिनय को ध्यान में रखकर किरदार लिखते हैं. ‘अनवर का अजब किस्सा’ से लेकर ‘द लंचबॉक्स’ तक, मैंने हमेशा उनके अभिनय की तीव्रता और किरदार के प्रति उनके प्रेम की सराहना की है.
उनमें उम्मीद और निराशा, उजाले और अंधेरे के बीच सहजता से आने-जाने की दुर्लभ क्षमता है, और इस दौरान वह किसी भी भाव को खोने नहीं देते. ‘कबूतर’ उनसे कुछ ऐसा करवाती है, जो दर्शकों ने पहले नहीं देखा है. इस नई चुनौती को हमारे साथ स्वीकार करना किसी उपहार से कम नहीं है. मैं उनके साथ मिलकर इस दुनिया को रचने के लिए बेहद उत्साहित हूं.
कास्टिंग डायरेक्टर ने भी की तारीफ
फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर दिलीप शंकर, जिनके काम में ‘लाइफ ऑफ पाई’ और ‘मॉनसून वेडिंग’ जैसी फिल्में शामिल हैं, ने भी नवाज़ुद्दीन की भूमिका को लेकर अपनी राय साझा की. उन्होंने कहा, ‘नवाज़ुद्दीन महबूब के विचित्र हास्य, भावनात्मक गहराई और शांत संवेदनशीलता को असाधारण प्रामाणिकता के साथ पर्दे पर उतारेंगे. इस किरदार में शरारत, गुस्सा, कोमलता और गरिमा की ज़रूरत है. अपनी सहज उपस्थिति और बारीक अभिनय के दम पर नवाज़ुद्दीन महबूब के व्यक्तित्व के तमाम विरोधाभासों को बखूबी साकार करते हैं. उनका अभिनय ‘कबूतर’ को पुरानी दिल्ली की जीवंत और मार्मिक दुनिया से जोड़कर रखेगा.
फिल्म की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को और मजबूती देते हुए ‘कबूतर’ को कई प्रमुख फिल्म मार्केट शोकेस के लिए चुना गया है. इनमें सिएटल का तस्वीर फिल्म मार्किट , गोवा में भारत के राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) द्वारा आयोजित फिल्म बाजार और बर्लिन में इस वर्ष होने वाले यूरोपियन फिल्म मार्केट में NFDC की फिल्म लाइनअप शामिल हैं. इसी महीने के अंत में निखिल चौधरी सिंगापुर में एशियन प्रोड्यूसर नेटवर्क के APN+ Track के तहत फिल्म को प्रस्तुत करेंगे.
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के मुख्य भूमिका में होने के साथ ‘कबूतर’ अंतरराष्ट्रीय सहयोग से तैयार हो रही एक ऐसी फिल्म है, जिसकी जड़ें पुरानी दिल्ली की विशिष्ट संस्कृति और परिवेश में बसी हैं. यह फिल्म अभिनेता के लगातार विकसित होते अभिनय सफर में एक नया और दिलचस्प अध्याय जोड़ने का वादा करती है.
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