भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में पिछले कुछ वक्त से एक बार फिर हिंसा की घटनाओं में इजाफा देखने को मिल रहा है. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने सोमवार (19 अक्टूबर, 2026) को इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों के सीमावर्ती इलाकों में आतंकवादी हमलों में तीन नागरिकों की हत्याओं की निंदा की है.
राज्य के नागरिकों की हत्याओं के बाद मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए मणिपुर के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
अधिकारियों ने घटना को लेकर क्या कहा?
मणिपुर के अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आतंकी हमले में मारे गए तीनों लोग मैतेई गांव के एक समूह के रहने वाले थे, जो जंगल में जलाने के लिए लकड़ी जुटा रहे थे. इसी दौरान अज्ञान बंदूकधारियों ने उन पर हमला कर दिया. हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, तीन घायल हैं और अन्य तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं.
नागरिकों की मौत के बाद राजधानी में विरोध प्रदर्शन
Chaired a security meeting at the Cabinet Hall of my Secretariat, Babupara, today along with Hon’ble Home Minister Shri Govindas Konthoujam. I strongly condemned the killing of innocent civilians by armed miscreants at Nongshum, Imphal East, today. The meeting reviewed the overall security situation of the state and discussed yesterday’s unfortunate incident in Thoubal district and today’s tragic incident in Imphal East. I have directed the officials to strengthen security measures in vulnerable areas of the state. The meeting was attended by Chief Secretary Shri Rajeev Singh Thakur, Security Advisor Shri Kuldiep Singh, DGP Shri Mukesh Singh, Commissioner (Home) and high-ranking officers of the Army, Assam Rifles, CRPF, BSF and other security agencies.
— Khemchand Yumnam (@YKhemchandSingh) October 19, 2026
आतंकी हमले में तीन नागरिकों के मारे जाने के बाद राजधानी इंफाल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के आवास के बाहर दो लोगों के शव रखकर विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक
वहीं, नागरिकों की हत्या और विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, डीजीपी मुकेश सिंह के साथ-साथ भारतीय सेना, असम राइफल्स, CRPF, BSF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे.
मुख्यमंत्री खेमचंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने इस उच्च स्तरीय बैठक की जानकारी साझा की. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘मैंने इंफाल पूर्व जिले के नोंग्शम में सशस्त्र हमलावरों की तरफ से बेकसूर नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की. बैठक में राज्य की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और कल थौबल जिले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना और आज इंफाल पूर्व में हुई दुखद घटना पर चर्चा की गई.’
उन्होंने कहा, ‘मैंने अधिकारियों को राज्य के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया है.’
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