ईडी ने मुंबई, नासिक समेत 29 जगह पर सर्च ऑपरेशन चलाया. PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई की गई. पूरा मामला एक घोटाले से जुड़ा है. इसमें आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम लिमिटेड और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड से जुड़े पंप एंड डंप शेयर हेरफेर का मामला सामने आया है. ईडी ने गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में भी सर्च ऑपरेशन चलाया.
इस तलाशी के दौरान ट्रेंडिंग अकाउंट्स में मौजूद 200 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए. मामले से जुड़े अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं.
ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, दोनों कंपनियों के ऑफिस, उनके प्रमोटर्स और शेयर पाने वालों के घर, स्टॉक-ब्रोकिंग, फाइनेंस फर्म और ऐसे ठिकाने जहां से व्हाट्सग्रुप चला जा रहे थे, वहां तलाशी ली गई है.
ED, Mumbai has conducted search operations on 16.10.2026 at 29 premises in Mumbai, Nashik, Ahmedabad, Gandhinagar, Surat and Bhavnagar under the PMLA, 2002 in connection with the WhatsApp-based “pump and dump” share manipulation scam involving R M Drip and Sprinklers Systems Ltd. and R&B Denims Ltd. The search action submitted in to freezing of about Rs. 200 Cr. in trading accounts and seizer of incriminating documents and digital devices.
— ANI (@ANI) October 19, 2026
आखिर क्या है पूरा माजरा?
ED के मुताबिक, इन दोनों कंपनियों ने अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच बहुत कम कीमत पर 3.5 करोड़ से ज्यादा शेयर और व्हाट्सएप कम्युनिटीज ने मुंबई में दूसरों के नाम पर लिए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया. इन्हें गुजरात के भावनगर से ऑपरेट किया जा रहा था. इसके जरिए रिटेल इनवेस्टर्स को रोजाना शेयर खरीदने की टिप्स दी गईं.
इससे शेयरों की कीमतें बढ़ गईं. जिन लोगों को शेयर मिले थे, उन्हें कृत्रिम तरीके से बढ़ाई डिमांड और कीमतों का फायदा उठाकर अपने शेयरों का एक हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स को बेच दिया. इससे आम जनता को नुकसान हुआ.
ईडी ने शामिल ग्रुप्स को किया लिस्ट
ईडी ने ऐसे ग्रुप्स को लिस्ट किया है, जो आपस में जुड़े हुए हैं. इन्होंने इस पूरे खेल से फायदा उठाया. इनमें एफ्लुएंस जेम्स, कावा एचयूएफ और कोमाले कंसल्टेंसी शामिल हैं. इन्होंने व्हाट्सएप, ट्विटर, एसएमएस और अन्य माध्यमों से शेयरों की कीमत बढ़ाए जाने से पहले ही प्रेफरेंशियल वारंट के जरिए सस्ते शेयर हासिल कर लिए थे.
इन लोगों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के 200 करोड़ रुपये के मूल्य के ट्रेडिंग अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं. इसके अलावा मामले से जुडे़ अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, लेन-देन के रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं.
