मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से लगभग 4,000 भारतीय उमरा यात्री मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं. इस क्षेत्र में जारी एयरस्ट्राइक के बाद एयरलाइंस का परिचालन बाधित हो गया, जिस वजह से ये स्थिति पैदा हुई है. इसे लेकर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अपील की है कि वह एयरलाइंस को बड़े विमान चलाने की अनुमति दे, ताकि फंसे हुए तीर्थयात्री जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें. उन्होंने स्पेशल फ्लाइट के इंतजाम करने की भी मांग की.
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की उड़ानें रद्द होने की वजह से भारत के लगभग 4,000 तीर्थयात्री मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं. DGCA इन एयरलाइंस को बड़े विमान चलाने की अनुमति दे ताकि तीर्थयात्री देश लौट सकें. अगर बड़े विमानों की इजाजत नहीं दी जा सकती, तो कम से कम सरकार इन यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए स्पेशल फ्लाइट्स का इंतजाम करे.’
असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से मांग मदद
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा, ‘पिछले दो-तीन हफ्तों से ये तीर्थयात्री मदीना, जेद्दा और मक्का में फंसे हैं. ट्रैवल एजेंट इन यात्रियों को अपने हाल पर छोड़कर चले गए हैं, जिससे वे बहुत मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं. फिलहाल DGCA इन तीनों एयरलाइंस को जेद्दा की उड़ान भरने की मंज़ूरी नहीं दे रहा है. DGCA तुरंत इन एयरलाइंस को A321 जैसे बड़े विमानों से उड़ान भरने की इजाजत दे, ताकि फंसे हुए भारतीयों को वापस लाया जा सके. ये यात्री गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं, इसलिए वे सऊदी एयरलाइंस का महंगा टिकट खरीदने में सक्षम नहीं हैं.’
उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से गुहार लगाई है कि अगर DGCA उड़ानों की अनुमति नहीं देता है, तो सरकार को विशेष विमान भेजकर इन सभी तीर्थयात्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाना चाहिए.
सऊदी एयरपोर्ट को हूती बना रहे निशाना
यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब से एयरपोर्ट को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिस वजह से कई फ्लाइट्स रद्द हो गई है और भारतीय उमरा तीर्थयात्रीव वहां फंस गए. 11 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें हैदराबाद का एक तीर्थयात्री भी शामिल था. इस हमले में 11 भारतीयों सहित 300 से अधिक लोग घायल हुए थे. इसके अलावा, 21 अक्टूबर की रात सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमले में भी दो लोगों की जान चली गई और आठ अन्य घायल हो गए.
