महाराष्ट्र विधान परिषद के परिणाम सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के लिए चिंताजनक रहे हैं. बीजेपी नीत महायुति को पांच में से केवल दो सीटों पर जीत मिली, जबकि विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की. इनमें से भी एक सीट सीएम देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी का मजबूत किला कही जाने वाली नागपुर थी. ऐसे में अब महायुति के सहयोगी दलों में आंतरिक कलह देखने को मिल रही है. इसको लेकर शिवसेना प्रमुख और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी सख्त रुख अपना रहे हैं.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र MLC रिजल्ट: शरद पवार गुट ने की कांग्रेस की तारीफ, EVM पर क्या कहा?
मतभेदों को हवा न देने की नसीहत
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के बाद महायुति में बढ़ती खटास को देखते हुए एकनाथ शिंदे नाराज हैं. उन्होंने अपनी शिवसेना के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि विवाद आगे न बढ़ाएं. डिप्टी सीएम ने पदाधिकारियों को हिदायत दी है कि महायुति में पैदा हुए मतभेदों को हवा न दें.
वहीं, डिप्टी सीएम ने अपने समर्थकों से कहा है कि बतौर सहयोगी दल महायुति की सफलता पर विचार करें और परिणामों पर आत्ममंथन करें. गलतियों को दोबारा न दोहराएं. गठबंधन में दरार न आए और आंतरिक विवादों का फायदा विपक्ष को न मिले, इसका ध्यान रखना जरूरी है.
सहयोगी दलों के खिलाफ गलत बयान देने से किया मना
इतना ही नहीं, एकनाथ शिंदे ने महायुति के तौर पर काम करते समय हुई गलतियों और कमियों पर स्थानीय पदाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. महायुति समन्वय समिति और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी.
फिलहाल, शिवसेना के प्रवक्ताओं और पदाधिकारियों को मीडिया के सामने सहयोगी दलों के खिलाफ बयानबाजी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं. गुरुवार (29 अक्टूबर) की रात हुई बैठक में एकनाथ शिंदे ने मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ दोबारा काम शुरू करने को कहा.
यह भी पढ़ें: SIR के लिए महाराष्ट्र में बढ़ी डेडलाइन, अब 30 नवंबर को जारी होगी वोटर लिस्ट
