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MLC चुनाव रिजल्ट का साइड इफेक्ट, BJP-शिंदे गठबंधन में तकरार, UP में बढ़ी टेंशन


बिहार, यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 28 सीटों पर हुए विधान परिषद के चुनाव ने कई संदेश दिए हैं. बिहार में बीजेपी जहां खुश है, वहीं गठबंधन की सरकार में शामिल जेडीयू के लिए टेंशन बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश में छह सीट जीतने के बाद भी बीजेपी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. महाराष्ट्र में पांच सीटों पर नतीजों के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी-शिंदे गुट और एनसीपी के बीच खटपट शुरू हो गई है. कांग्रेस को कर्नाटक में झटका लगा है और वो हार की समीक्षा कर रही है.

बिहार में क्या हुआ?

बिहार की 8 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को 4 सीटों पर जीत मिली है. जेडीयू के लिए बड़ा झटका है. वो सिर्फ एक सीट जीत दर्ज कर सकी. तिरहुत स्नातक सीट से जदयू के अभिषेक झा (राष्ट्रीय प्रवक्ता) हार ने आरोप लगाया की उनको हराने के लिए NDA में चक्रव्यूह रचा गया, अभिमन्यु की तरह वह अकेले पड़ गये.

पटना स्नातक सीट पर बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जनसुराज को समर्थन दिया और नीरज कुमार का विरोध किया. इसके बाद हालांकि सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया. इस चुनाव में आरजेडी का खाता खुला है. वहीं दो सीटों पर निर्दलीय और एक पर जनसुराज ने जीत दर्ज की.

तेजस्वी यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक का यह निर्वाचन एनडीए सरकार के भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग, शिक्षकों एवं युवाओं पर बीजेपी की दमनात्मक कारवाई तथा एनडीए की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ शिक्षित समाज का खुला जनादेश है.

यूपी का हाल

वहीं यूपी में 11 सीटों में से बीजेपी ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है. समाजवादी पार्टी को पांच सीटें मिली है. इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया है और कहा है कि विपक्ष की जीत होगी. बीजेपी को बड़ा झटका लखनऊ और वाराणसी में लगा है. बीजेपी ने इस हार की समीक्षा शुरू कर दी है.

यूपी सरकार में मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि MLC की जिन सीटों पर हार हुई उन पर पार्टी के द्वारा मंथन किया जाएगा. उन्होंने साथ ही कहा कि बीजेपी ने MLC की 6 सीटें पहले भी जीती थी. इस बार भी 6 सीटें जीती हैं. मतदाताओं का आभार, परिणामों का स्वागत, हम पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ेंगे.

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2027 में बीजेपी राज्य में लगातार तीसरी बार भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को दिन में सपने नहीं देखने चाहिए. इससे पहले गुरुवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी एमएलसी चुनाव के नतीजों को ‘डबल इंजन’ सरकार की ‘दोहरी हार’ करार दिया था. 

महाराष्ट्र में महायुति में तकरार

वहीं महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव रिजल्ट के बाद महायुति के बीच तकरार शुरू हो गया है. बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) को चुनाव में बड़ा झटका लगा. पांच में से दो सीटें ही गठबंधन को मिली. सबसे अधिक चर्चा आरएसएस के मुख्यालय वाले शहर नागपुर की हो रही है. यहीं से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आते हैं. नागपुर में कांग्रेस के उम्मीदवार ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है. दो सीटों पर शरद पवार गुट को जीत मिली है. एनसीपी का हाथ खाली रहा है.

रिजल्ट के बाद बीजेपी के नेता नवनाथ बन ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में पुणे और नागपुर में सहयोगी दल होने के बावजूद शिवसेना ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया. वहीं मंत्री नितेश राणे ने कहा कि महायुति के तौर पर एक साथ लड़ना चाहिए था. यह देखा जाना चाहिए कि क्या महायुति गठबंधन के भीतर कोई ‘शकुनि मामा’ मौजूद हैं.  उन्होंने कहा कि अब यह पता लगाने का समय आ गया है कि क्या महायुति में ऐसे ‘शकुनि मामा’ हैं जो (शिवसेना-UBT प्रमुख) उद्धव ठाकरे की पसंद के हिसाब से काम कर रहे हैं.

हालांकि बीजेपी नेताओं के बयान के बाद शिवसेना के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने विवाद नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए. चुनाव परिणामों का महायुति के तौर पर आत्ममंथन करने और गलतियों को दोबारा नहीं दोहराने की सलाह दी. 

उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने कहा कि नतीजों के बाद उनकी पार्टी आत्ममंथन करेगी. मंत्री और NCP के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन और अपनी खुद की पार्टी से गंभीर आत्ममंथन करने को कहा. मंत्री और NCP के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन और अपनी खुद की पार्टी से गंभीर आत्ममंथन करने को कहा. 

कर्नाटक में निशाने पर कांग्रेस

वहीं कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. चार सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस खाता खोलने भी नाकामयाब रही है. उसकी एक सीट बीजेपी की सहयोगी जेडीएस ने छीन ली. तीन सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की. कांग्रेस ने कहा है कि वो इसकी समीक्षा करेगी.

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम अभी भी बैलेट पेपर की मांग करते हैं. कभी-कभी ऐसा हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी की कोई पकड़ नहीं है. BJP को यह अहंकार नहीं होना चाहिए कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. अगर ऐसा है, तो वे संसद भंग कर दें और बैलेट पेपर से चुनाव करवा लें.

बीजेपी नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में होने के बावजूद, NDA गठबंधन ने वहां के सभी चार चुनाव जीते. पूरे देश में, NDA ने लगभग सभी MLC सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस एक भी MLC सीट नहीं जीत पाई ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे.



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