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बिहार के सरकारी शिक्षक ध्यान दें! ड्रेस कोड पर सरकार का सख्त आदेश जारी


बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए एक बार फिर सख्त आदेश जारी हुआ है. शिक्षा विभाग की ओर से ड्रेस कोड को लेकर कहा है कि शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों को शिक्षण और कार्यालय अवधि में औपचारिक परिधान पहनकर ही विद्यालय आना होगा. पहले भी इसको लेकर विभाग ने आदेश जारी किया था लेकिन पालन नहीं हो रहा था. 

ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से एक बार फिर आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि राज्य के सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में शालीन व्यवहार एवं गरिमामयी वातावरण बनाए रखना अनिवार्य है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है और इसका सख्ती से पालन कराने को कहा है.

सभी डीईओ को जारी किया गया पत्र

शुक्रवार (30 अक्टूबर, 2026) को सभी डीईओ को इस संबंध में पत्र जारी किया गया. कहा गया कि पूर्व में भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे. इसके बाद भी कई विद्यालयों में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है. कुछ शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़े पहनकर विद्यालय आ रहे हैं. वहीं, विद्यालय परिसर में डीजे, डिस्को और अन्य अमर्यादित गतिविधियां आयोजित किए जाने की सूचनाएं भी मिल रही हैं.

‘किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं’

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह का व्यवहार विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करता है. इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. 

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उन्होंने कहा कि शिक्षा कैलेंडर में निर्धारित विशेष अवसरों पर ही नृत्य और संगीत के अनुशासित एवं शालीन कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे. सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं. विद्यालयों में अनुशासन, शालीनता और गरिमापूर्ण वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.

जानकारी हो कि बिहार सरकार ने बीते गुरुवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के चार अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव किया था. बिहार राज्य योजना पर्षद के परामर्शी सीके अनिल को स्थानांतरित करते हुए शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. 

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