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CJP की दिवाली पार्टी में पहुंचे विपक्ष के नेता, अभिजीत दीपके, सौरव दास से क्या बोलीं सुप्रिया सुले?


कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष के कुछ नेताओं के बीच नजदीकी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. शनिवार को CJP नेता सौरव दास की ओर से आयोजित दिवाली पार्टी में तृणमूल कांग्रेस, माकपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. 

इस मुलाकात के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार की नेता सुप्रिया सुले ने एक्स पर पोस्ट कर अभिजीत दीपके, सौरव दास और उनकी टीम का आभार जताया. उन्होंने लिखा, “शानदार दिवाली शाम के लिए अभिजीत दीपके, सौरव दास और पूरी टीम का धन्यवाद.”

इस आयोजन को CJP नेताओं और विपक्ष के एक वर्ग के बीच बढ़ते संपर्क के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका भी दिवाली पार्टी में मौजूद रहे.

राहुल गांधी के संदेशों से भी मिले सकारात्मक संकेत
CJP और विपक्षी नेताओं के बीच बढ़ती नजदीकी का यह अकेला उदाहरण नहीं है. इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी CJP के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के समर्थन में कई बार बयान दिए. CJP ने भी सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी.

एक नवंबर की रैली का सीजेपी ने किया है समर्थन

दोनों पक्षों के बीच संपर्क बढ़ने की शुरुआत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को लेकर हुई सार्वजनिक बयानबाजी से मानी जा रही है. राहुल गांधी ने पहले कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ समानांतर प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं. इसके बाद उन्होंने CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा की थी. वहीं, CJP ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की एक नवंबर को होने वाली रैली को समर्थन दिया. हालांकि इसमें सीजेपी कार्यकर्ता शामिल नहीं होंगे.

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर राहुल ने जताई थी नाराजगी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने एक्स पर लिखा था, “जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है. इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरता है.”

राहुल गांधी ने अपने एक अन्य संदेश में छात्रों, युवाओं, पत्रकारों और INDIA गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा था कि अलग-अलग बैनर के बावजूद सभी का मकसद एक है. उनके मुताबिक, ये प्रदर्शन नागरिकों के अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग से जुड़े हैं. उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और वे इसे वापस हासिल करेंगे. 

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