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Bed Repair Tips: बेड से आ रही चर्र-चर्र की आवाज, ऐसे करें ठीक


घर में रखे बेड का इस्तेमाल रोज होता है. इस पर बैठने, लेटने और करवट बदलने के दौरान कई बार चर्र-चर्र की आवाज आने लगती है. शुरुआत में यह आवाज छोटी लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इतनी बढ़ जाती है कि रात में सोना भी मुश्किल हो जाता है. कई लोग इसे बेड पुराना होने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि कई बार बेड के ढीले नट-बोल्ट, लकड़ी के हिस्सों में रगड़ या बेड के पैरों के हिलने से भी ऐसी आवाज आती है. कुछ आसान तरीकों से इस परेशानी को दूर किया जा सकता है.

बेड के नट-बोल्ट अच्छी तरह कसें

अगर आपका बेड लोहे या लकड़ी का है, तो सबसे पहले उसके सभी नट-बोल्ट चेक करें. कई बार रोज इस्तेमाल करने से ये धीरे-धीरे ढीले हो जाते हैं. इस वजह से बेड हिलता है और आवाज आने लगती है. स्क्रूड्राइवर या दूसरे औजार की मदद से सभी ढीले स्क्रू और बोल्ट कस दें. बेड के कोनों और नीचे लगे हिस्सों को भी जरूर चेक करें. ध्यान रखें कि स्क्रू बहुत ज्यादा कसने से लकड़ी खराब होती है, इसलिए आराम से काम करें.

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 लकड़ी के हिस्सों पर लगाएं वैक्स

लकड़ी के बेड में कई बार दो हिस्से आपस में रगड़ खाते हैं, जिससे चर्र-चर्र की आवाज आती है. ऐसे में जहां लकड़ी के हिस्से एक-दूसरे से टकरा रहे हैं, वहां थोड़ा वैक्स लगाएं. इसके लिए मोमबत्ती का मोम भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे लकड़ी के बीच रगड़ कम होती है और आवाज घटने में मदद मिलती है. वैक्स लगाने से पहले उस जगह की धूल और गंदगी साफ कर लें. 

बेड के पैरों और नीचे के हिस्से को करें चेक

कई बार बेड के पैर जमीन पर ठीक से नहीं टिकते. ऐसे में बेड पर थोड़ा दबाव पड़ते ही वह हिलने लगता है और आवाज करता है. सबसे पहले देखें कि बेड के चारों पैर जमीन पर बराबर टिक रहे हैं या नहीं. अगर कोई पैर छोटा या ढीला है, तो उसके नीचे रबर पैड लगाएं. साथ ही बेड के नीचे लगी पट्टियों और सपोर्ट को भी चेक करें. अगर कोई हिस्सा टूटा हुआ है या ज्यादा हिल रहा है, तो उसे ठीक करवाएं. इससे बेड की आवाज कम होने के साथ उसकी पकड़ भी मजबूत होगी.

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