आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायकों अमृतसर नॉर्थ से कुंवर विजय प्रताप सिंह और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा का बतौर विधायक इस्तीफा पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने स्वीकार कर लिया है.
आम आदमी पार्टी (आप) से निलंबित विधायक और पूर्व आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. अमृतसर उत्तर सीट से विधायक सिंह ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान को भेजा था.
फेसबुक पर किया पोस्ट
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपना इस्तीफा साझा करते हुए लिखा कि मैंने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में सिंह ने लिखा कि मैं इसके माध्यम से सूचित करना चाहता हूं कि एक नवंबर 2026 से मैं सदन में अपनी सीट से इस्तीफा दे रहा हूं.
अमन अरोड़ा को भी भेजा इस्तीफा
विजय प्रताप सिंह ने आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा को भेजे एक पत्र में लिखा कि मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि मैंने एक नवंबर 2026 से पंजाब विधानसभा के सदस्य के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया है. मैं तत्काल प्रभाव से आम आदमी पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों से भी इस्तीफा देता हूं.
बीजेपी में शामिल होकर क्या बोले विजय प्रताप सिंह?
वहीं बीजेपी में शामिल हुए आम आदमी पार्टी के बागी नेता विजय प्रताप सिंह ने कहा कि आज किसी को नहीं पता कि पंजाब का मुख्यमंत्री कौन है, भगवंत मान या अरविंद केजरीवाल. पंजाब की जनता को यह पता होना चाहिए कि स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी करने वाला व्यक्ति अभी कहां रह रहा है और किस दफ्तर में काम कर रहा है. उसे मुख्यमंत्री कार्यालय में छिपाकर रखा गया है. वह तीन दिन बिताने के बाद अमृतसर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में रुकता है. जिस व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने अपराधी बताया है, वह आज पंजाब चला रहा है. संविधान अगर कहीं खतरे में है तो वह पंजाब में है, इसीलिए हमें पंजाब को हर हाल में बचाना है.
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