जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कश्मीर यूनिवर्सिटी के 52 साल के एक साइंटिस्ट (Professor) को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी 28 साल की एक महिला की शिकायत के आधार पर की गई है. महिला ने प्रोफेसर पर शादी का झूठा वादा करके उसका शोषण करने का आरोप लगाया है. प्रोफेसर पहले से ही शादीशुदा है.
आरोपी की पहचान सज्जाद मोहम्मद खान के रूप में हुई है. वह श्रीनगर के सौरा इलाके का रहने वाला है और यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के तौर पर काम करता है. जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए रेप के मामले में गिरफ्तार होने के बाद कश्मीर यूनिवर्सिटी ने उसे सस्पेंड कर दिया है.
यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को किया सस्पेंड
यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेशन टीचिंग सेक्शन द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि हिरासत में लिए जाने के मद्देनजर सज्जाद मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विसेज (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1956 के नियम 31 के तहत की गई है. यह कार्रवाई श्रीनगर के रामबाग स्थित महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 11/2026 में उसकी गिरफ्तारी के बाद की गई है. शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने साल 2018 में उससे संपर्क किया और उसके साथ प्रेम संबंध बना लिए.
इसके बाद में शादी का वादा करके आरोपी ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसके कारण वह कई बार गर्भवती भी हुई. लेकिन, आरोपी ने न केवल पीड़िता को गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया और शादी को टालता रहा, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी और अन्य खर्चों के बहाने उससे भारी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान भी ऐंठ लिए.
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने न केवल पीड़िता को बडगाम के कनिहामा इलाके में अपनी जमीन और सोने के गहने बेचने के लिए मजबूर किया, बल्कि इस दौरान उससे नकदी भी ऐंठी. आरोपी ने पीड़िता के नाम पर श्रीनगर में UCO बैंक की एक ब्रांच से गोल्ड लोन भी ले लिया. पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने इस पैसे का इस्तेमाल अपना घर बनाने और इस दौरान अपनी आलीशान जीवनशैली बनाए रखने के लिए किया. बार-बार शोषण और शादी के लिए कोई तय समय न होने के कारण, रिश्ता तब खराब हो गया जब पीड़िता ने उस पर शादी के वादे को पूरा करने का दबाव डाला. इसके जवाब में उसे न केवल अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा बताया गया. बल्कि सोशल मीडिया पर उसकी निजी नग्न तस्वीरें और वीडियो जारी करने की भी धमकी दी गई.
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महिला ने प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज कराई FIR
शिकायत के अनुसार, पीड़िता जो पुराने श्रीनगर शहर में रहती थी. उस दौरान दूसरे इलाके में चली गई थी और उसने राज बाग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन शुरू में उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. आखिरकार, अब महिला पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 0011/ दिनांक 20-04-2026 के तहत BNS की धारा 64 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.
हालांकि, सूत्रों ने बताया है कि पीड़िता लंबे समय से एक साझा दोस्त के जरिए आरोपी के संपर्क में थी. सूत्रों ने आगे बताया कि इसी दौरान आरोपी के बेटे को एक गंभीर बीमारी हो गई, जिसके बाद उसने पीड़िता से दूरी बना ली. सूत्रों का कहना है कि पीड़िता ने आरोपी को उसके बेटे के इलाज और अन्य खर्चों के लिए कई मौकों पर 48 लाख रुपये से ज्यादा की रकम दी है. मामला सार्वजनिक होने से पहले दोनों के बीच सुलह की कोशिशें भी हुई थीं, जिसके दौरान आरोपी ने पीड़िता को 8 लाख रुपये दिए थे.
आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
माना जा रहा है कि पिछले दो सालों से आरोपी अपने बेटे के इलाज में लगा हुआ है, जो एक बहुत ही गंभीर बीमारी से पीड़ित है. इस इलाज का खर्च कश्मीर विश्वविद्यालय प्रशासन और अपने सहकर्मियों सहित कई लोगों से उधार लिए गए पैसों से उठाया जा रहा है. हालांकि, इन तथ्यों का मामले पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता, क्योंकि आरोपी पर लगाए गए आरोप बहुत ही गंभीर प्रकृति के हैं. पुलिस ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है. जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित कर दिया है और मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है.
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