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जयपुर: गोबर से बने दीयो की देश-दुनिया में धूम, अयोध्या में जलेंगे 51 हजार दीये


राजस्थान की राजधानी जयपुर में गाय के गोबर से बनाए जा रहे डिजाइनर दीयों की धूम सिर्फ पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है. जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में खास तौर पर तैयार किए गए 51 हज़ार स्टाइलिश लुक वाले डिजाइनर दीये दीपावली पर भगवान राम की नगरी अयोध्या की राम की पैड़ी को रोशन करेंगे. अयोध्या के अलावा यहां से देश के 17 राज्यों में सात लाख से ज्यादा दीये भेजे गए हैं तो वहीं दस लाख से ज्यादा दीपक अमेरिका और मॉरीशस में एक्सपोर्ट किए गए हैं. 

जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में गायों के गोबर से तैयार किए गए डिजाइनर दीयों में इस बार अश्वगंधा के बीज भी डाले गए हैं. यानी दीपावली पर इस्तेमाल के बाद जब इन दीयों को गमलों या मिट्टी में डाला जाएगा तो अश्वगंधा का पौधा खुद ही उग आएगा. इसके अलावा यह दीये बिल्कुल भी तेल नहीं सोखेंगे.

17 राज्यों में भेजे 7 लाख दीये

पिंजरापोल गौशाला में डा० अतुल गुप्ता की मॉनिटरिंग में अब तक 17 लाख दीयों को तैयार कर देश-विदेश में भेजा जा चुका है. दीपावली से पहले तीन से चार लाख और दीये तैयार हो जाने की उम्मीद है.

सिर्फ महिलाएं बनाती हैं ये दीये

खास बात यह है कि इन दीयों को तैयार करने का काम सिर्फ महिलाओं को ही दिया जाता है. महिलाएं तीन से चार महीने पहले ही दीये बनाने के काम में जुट जाती हैं. महिलाओं को गोबर और दूसरे सामान मुहैया कराए जाते हैं. वह दीयों को सांचो में तैयार कर हाथों से टचिंग कर उन्हें फाइनल लुक देती हैं. दीयों को तैयार करने का काम राजस्थान में कई जिलों में अलग- अलग जगहों पर किया जा रहा है. एक महिला रोजाना 10 से 12 घंटे काम कर तकरीबन पांच सौ दीये तैयार कर लेती है.

गोबर से ये चीजें भी बनती हैं 

जयपुर की इस गौशाला में सिर्फ दीये ही तैयार नहीं किया जा रहे हैं, बल्कि गाय के गोबर से गणेश लक्ष्मी की आकर्षक मूर्तियां, ओम और स्वास्तिक जैसे धर्म चिन्ह और मालाएं व पूजा में इस्तेमाल होने वाली दूसरी सामग्रियां भी तैयार की गई हैं. दीयों के साथ ही इन सामानों को भी दीपावली पर देश- विदेश में भेजा गया है. यहां से इस बार 10 लाख दीपक अकेले मॉरीशस भेजे गए हैं. इसके अलावा जो इक्यावन हज़ार दीये अयोध्या भेजे गए हैं, उन्हें राम की पैड़ी में सरयू के तट पर जलाया जाएगा. 

‘शुद्धता का रखा जाता है खास ख्याल’

गायों के गोबर से डिजाइनर दीयों को तैयार कराने वाले अतुल गुप्ता का कहना है कि यहां दीये भले ही गाय के गोबर से तैयार किए गए हैं, लेकिन इन्हें ऐसा लुक दिया गया है कि यह देखने में भी बेहद आकर्षक और खूबसूरत नजर आ रहे हैं. अतुल गुप्ता का कहना है कि इन दीयों का इस्तेमाल पूजा घरों में भी होता है, इसलिए शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है. इसके अलावा यह दीये व दूसरी पूजा सामग्रियां हमें प्रकृति के और करीब ले जाती हैं. 

अमेरिका और मॉरिशस तक में जलेंगे ये दीये

जयपुर की गौशाला में तैयार किए गए दीपकों की जबरदस्त डिमांड है. इन्हें सिर्फ पहले से दिए गए ऑर्डर वाली जगह पर ही सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन फिर भी रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इन्हें लेने के लिए गौशाला पहुंचते हैं. लोगों का कहना है कि यह दीये न सिर्फ शुद्ध और आकर्षक हैं, बल्कि काफी सस्ते भी हैं. कहा जा सकता है कि जयपुर की गौशाला में गायों के गोबर से तैयार किए गए दीए न सिर्फ भगवान राम की नगरी अयोध्या को रोशन करेंगे, बल्कि अमेरिका और मॉरिशस में भी सनातनियों की दीवाली को जगमग करेंगे.

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