Headlines

अगर US ने चुनाव बाद ईरान पर किए हमले, तो क्या चीन होगा परेशान? ड्रैगन ने कर दिया साफ


पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष और तनाव की स्थिति लगातार बरकरार है. हालांकि, अमेरिका में इस वक्त मिड-टर्म चुनावों की वजह से अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों में नरमी देखी जा रही है, लेकिन इसे लेकर यह सवाल बना हुआ है कि क्या अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिका या इजरायल ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य हमले शुरू कर सकते हैं? इस सवाल को लेकर अब चीन की तरफ से एक बयान सामने आया है.

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मिडिल ईस्ट और खाड़ी इलाके की स्थिति पर चीन के रुख को स्पष्ट रूप से बताया है. उन्होंने कहा कि चीन का मानना है कि सैन्य तरीकों का इस्तेमाल करके किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता है, बल्कि इससे तनाव में बढ़ोत्तरी होगी. साथ ही स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है, जो किसी भी पक्ष के हित में नहीं है.

पश्चिम एशिया संघर्ष पर चीन का रुख क्या?

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार (3 नवंबर, 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष शांतिपूर्ण तरीकों का पालन करेंगे, बातचीत और चर्चा के जरिए विवादों का समाधान करेंगे. इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट और खाड़ी इलाके में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता को फिर से बहाल करने की दिशा में काम करेंगे.’

ईरान और सऊदी अरब के साथ त्रिपक्षीय वार्ता के लिए चीन तैयार?

इस दौरान चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से सवाल किया गया कि क्या चीन की ईरान और सऊदी अरब के साथ त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने का कोई प्लान है? इस पर उन्होंने कहा, ‘चीन संवाद को बढ़ावा देने और तनाव कम करने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है.’

माओ निंग ने कहा, ‘चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की सेंट्रल कमेटी के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और सेंट्रल कमीशन फॉर फॉरेन अफेयर्स के ऑफिस के डायरेक्टर वांग यी ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी बीजिंग में ईरान और सऊदी अरब के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं.’ 

यह भी पढ़ेंः ईरान में परमाणु हमले का खौफ, टीवी चैनलों पर दिए जा रहे बचाव के निर्देश



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *