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Explained: US कांग्रेस में डेमोक्रेट्स को रोकने की पूरी तैयारी! ट्रंप के पास कौन से 5 रास्ते बचे?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने सबसे बड़ी चुनौती डेमोक्रेट्स का कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा है. हालांकि, ट्रंप के पास खुद को ‘मिस्टर वीटो’ कहने का कारण भी है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि डेमोक्रेट्स जो भी बिल भेजेंगे, उन्हें वो वीटो कर देंगे. यह सिर्फ एक धमकी नहीं है, बल्कि एक पूरी तरह से तैयार की गई योजना का हिस्सा है, जिसे ट्रंप की टीम पिछले कई महीनों से बना रही है.

आखिर वो कौन से रास्ते हैं जिनसे ट्रंप डेमोक्रेट्स के एजेंडे को रोक सकते हैं और वो कैसे काम करते हैं…

वीटो पावर: ‘मिस्टर वीटो’ का सबसे बड़ा हथियार

अमेरिकी संविधान के तहत, राष्ट्रपति के पास कांग्रेस से पारित किसी भी विधेयक को अस्वीकार करने का अधिकार होता है, जिसे वीटो कहा जाता है. ट्रंप ने कहा है कि वो इस शक्ति का जमकर इस्तेमाल करेंगे. ट्रंप ने कहा, ‘वो (डेमोक्रेट्स) ऐसी चीजें भेजेंगे जो बेतुकी हैं और मैं उन्हें वीटो कर दूंगा.’ ट्रंप का मानना है कि ‘एक-दो महीने’ लगातार वीटो करने के बाद डेमोक्रेट्स खुद बातचीत के लिए आएंगे.

यह रास्ता कारगर है क्योंकि वीटो को पलटने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई (2/3) बहुमत की जरूरत होती है. वर्तमान में डेमोक्रेट्स के पास इतना बहुमत नहीं है, इसलिए ट्रंप के वीटो को पलटना लगभग नामुमकिन है. यानी ट्रंप डेमोक्रेटिक कांग्रेस से पारित किसी भी कानून को रोक सकते हैं, जिससे डेमोक्रेट्स का पूरा विधायी एजेंडा ठप हो सकता है.

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर: कांग्रेस को बायपास करने का रास्ता

वीटो के अलावा, ट्रंप के पास अपनी नीतियों को लागू करने का एक और शक्तिशाली हथियार है- एग्जीक्यूटिव ऑर्डर. ये राष्ट्रपति के आदेश होते हैं जिन्हें कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं होती. ट्रंप की टीम पिछले कई महीनों से ऐसे ही आदेशों की तैयारी कर रही है.

ट्रंप प्रशासन एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए 3 बड़े फैसले ले सकता है:

  • टैरिफ: क्रिटिकल मिनरल्स और विंड टर्बाइन के आयात पर नए टैरिफ लगाना.
  • इमिग्रेशन: अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी विदेशी कर्मचारियों के लिए वीजा नियमों को सख्त करना.
  • हाउसिंग: आवास और निर्माण लागत को कम करने के उपाय करना.

ट्रंप के वकील यह भी आकलन कर रहे हैं कि ‘वो कानूनी रूप से अपने दम पर क्या कर सकते हैं, कहां वो अपने अधिकार की सीमाओं को धकेल सकते हैं और अदालत में उन फैसलों का बचाव कैसे करें.’ हालांकि, इन आदेशों को अदालतों में चुनौती दी जा सकती है, इसलिए यह रास्ता जोखिम भरा भी है.

बजट का ‘पॉकेट रिसेशन’: कांग्रेस के पैसे पर कब्जा

यह ट्रंप का सबसे विवादास्पद और आक्रामक हथियार हो सकता है. इम्पाउंडमेंट या ‘पॉकेट रिसेशन’ का मतलब है कि राष्ट्रपति कांग्रेस से मंजूर किए गए फंड को खर्च करने से इनकार कर दें. ट्रंप ने पहले भी ऐसा किया है और अब भी कर रहे हैं.

उदाहरण: सितंबर 2026 में ट्रंप ने 810 मिलियन डॉलर के कांग्रेस-स्वीकृत फंड को ‘अमेरिकी नागरिकों को लाभ नहीं पहुंचाने’ का हवाला देकर रोकने की कोशिश की. सरकारी वॉचडॉग गवर्नमेंट अकउंटेबिलिटी ऑफिस (GAO) ने इसे इम्पाउंडमेंट कंट्रोल एक्ट का उल्लंघन माना है.

शेड्यूल F: नौकरशाही की सफाई

ट्रंप प्रशासन ने ‘शेड्यूल F’ नाम के एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए संघीय कर्मचारियों की सुरक्षा को खत्म करना शुरू कर दिया है. इसके तहत लगभग 8,000 उच्च-स्तरीय सरकारी कर्मचारियों को ‘एट-विल’ कर्मचारी बना दिया है. अब उन्हें बिना किसी कारण के भी नौकरी से निकाला जा सकता है.

विदेश नीति और ट्रेड: राष्ट्रपति के विशेषाधिकार

अमेरिकी संविधान राष्ट्रपति को विदेश नीति और व्यापार में व्यापक अधिकार देता है, जिसका ट्रंप ने पहले भी आक्रामक तरीके से इस्तेमाल किया है. डेमोक्रेटिक कांग्रेस भी इन क्षेत्रों में ट्रंप को पूरी तरह रोक नहीं सकती. ट्रंप बिना कांग्रेस की मंजूरी के टैरिफ लगा सकते हैं, व्यापार समझौतों को लेकर दबाव बना सकते हैं और सैन्य कार्रवाई भी कर सकते हैं.

हालांकि, कांग्रेस के पास बजट और प्रतिबंधों के जरिए इन्हें प्रभावित करने की शक्ति है, लेकिन विदेश नीति में राष्ट्रपति का प्रभुत्व काफी हद तक बना रहता है.

जांच का सामना: व्हाइट हाउस की कानूनी ढाल

डेमोक्रेट्स के कांग्रेस पर कब्जा करने का एक बड़ा मतलब यह है कि वे ट्रंप प्रशासन के खिलाफ कई जांच शुरू कर सकते हैं. इसके लिए भी ट्रंप की टीम तैयार है. व्हाइट हाउस के वकीलों ने प्रशासन के अधिकारियों को सबपोना और दस्तावेज अनुरोधों से निपटने की ट्रेनिंग दी है.

वकीलों ने जस्टिस डिपार्टमेंट से राय मांगी है कि क्या राष्ट्रपति अपने सलाहकारों के साथ निजी बातचीत को कांग्रेस की जांच से छिपा सकते हैं. यानी ट्रंप सिर्फ कानून बनाने में ही नहीं, बल्कि जांच का सामना करने में भी कांग्रेस को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

ट्रंप ने खुद कहा है कि ‘एक-दो महीने’ वीटो के बाद ‘हम शायद कुछ सौदे कर लेंगे.’ अमेरिकी इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जब राष्ट्रपति और विपक्षी कांग्रेस ने मिलकर काम किया है. ट्रंप ने भी पहले डेमोक्रेटिक हाउस के साथ काम किया है. फिलहाल, ट्रंप का रुख टकराव का है और वो चाहते हैं कि डेमोक्रेट्स पहले झुकें.



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