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उत्तराखंड की यमकेश्वर विधानसभा से कांग्रेस अंकिता भंडारी की मां को उतारेगी?


अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब उत्तराखंड की चुनावी राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकती है. कांग्रेस अंकिता की मां सोनी देवी को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, अगर सोनी देवी चुनाव लड़ने के लिए तैयार होती हैं तो कांग्रेस उन्हें टिकट देने को तैयार है. अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता लगातार संघर्ष कर रहे हैं. अंकिता की मां सोनी देवी इंडिया गेट से लेकर राजघाट तक प्रदर्शन कर रही हैं और बेटी को इंसाफ दिलाने की मांग उठा रही हैं. इसी बीच कांग्रेस की ओर से एक बड़े राजनीतिक कदम की चर्चा है.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी को चुनावी मैदान में उतारने पर विचार कर रही है. हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. पार्टी की ओर से संभावित पेशकश के बाद चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने का फैसला सोनी देवी को ही करना है.

कहां से मिल सकता है टिकट?

कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर अंकिता भंडारी की मां चुनाव लड़ती हैं तो इससे उत्तराखंड की महिलाओं के बीच एक बड़ा संदेश जाएगा. अंकिता को न्याय दिलाने का मुद्दा पहले से ही राज्य में भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा है. कांग्रेस इस संभावित उम्मीदवारी को महिला सुरक्षा, न्याय और उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान से जुड़े मुद्दों के साथ जोड़कर देख रही है. सूत्रों के मुताबिक, यमकेश्वर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

राजघाट के बाहर से अंकिता भंडारी के परिजन को पुलिस ने हटाया, मां हुईं बेहोश

राहुल-प्रियंका गांधी पहले ही दे चुके हैं समर्थन

अंकिता भंडारी के परिवार के संघर्ष को कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी समर्थन दे चुका है. कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात की थी और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया था. 14 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पर अंकिता के परिजनों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे. दोनों नेताओं ने परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की मांग का समर्थन किया था. अब कांग्रेस की ओर से सोनी देवी को चुनावी मैदान में उतारने की संभावित रणनीति को इसी राजनीतिक समर्थन की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है.

न्याय की लड़ाई से चुनावी लड़ाई तक?

अंकिता भंडारी के माता-पिता आज भी अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मां सोनी देवी का लगातार प्रदर्शन और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी का समर्थन इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बनाए हुए है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सोनी देवी अपनी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई को चुनावी मैदान तक ले जाएंगी? क्या कांग्रेस उन्हें उम्मीदवार बनाकर उत्तराखंड में महिला सुरक्षा और न्याय के मुद्दे को बड़ा राजनीतिक स्वर देना चाहती है? फिलहाल कांग्रेस की ओर से संभावित टिकट को लेकर सूत्रों के हवाले से चर्चा है और अंतिम फैसला सोनी देवी की सहमति पर निर्भर करेगा.

 क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड? 

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के गंगा-भोगपुर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी. 24 सितंबर 2022 को उनका शव चिल्ला नहर बैराज से बरामद हुआ था. इस हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था. मामले में रिसॉर्ट में आने वाले एक कथित VIP को विशेष सेवाएं देने के दबाव और अंकिता के विरोध से जुड़े आरोपों ने बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया था. इस मामले में VIP की पहचान और कथित भूमिका को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं.



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