दीपावली और शादियों के सीजन में अगर आप भी सोने की ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए. क्योंकि बाजार में सोने की शुद्धता को लेकर मिलावट का एक ऐसा चौंकाने वाला खेल सामने आया है, जिसे पकड़ना सामान्य जांच में भी मुश्किल हो रहा है.
सोने में भारी धातुओं का महीन पाउडर मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है. बाजार में इसे गोल्ड पाउडर या चीनी पाउडर के नाम से जाना जा रहा है. हैरानी की बात यह है कि मिलावट का यह पाउडर सोने में शामिल होने के बाद इस तरह गायब हो जाता है, जैसे फिल्म का मिस्टर इंडिया! सोना देखने में बिल्कुल असली नजर आता है, लेकिन उसकी वास्तविक शुद्धता कम हो चुकी होती है.
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने क्या बताया?
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नवीन सोनी ने बताया कि इस तरह की मिलावट पकड़ना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. सामान्य एसिड टेस्ट और कसौटी पर जांच करने से भी इसका पता नहीं चल पाता.
उन्होंने आगे बताया कि जब गहने बनाने के लिए सोने को गलाया और प्रोसेस किया जाता है, तब वास्तविक सोने की मात्रा कम निकलने पर इस गड़बड़ी का खुलासा होता है. इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नवीन सोनी ने भारत सरकार से अपील की है कि सोने में हो रही इस तरह की मिलावट पर सख्त कार्रवाई की जाए
मशीनों और कसौटी को भी दे रहा चकमा
सराफा कारोबार से जुड़े जानकारों के मुताबिक, बाजार में चीनी पाउडर बेचने वाले दलाल सक्रिय हैं. यह पाउडर अलग-अलग क्वालिटी में उपलब्ध बताया जा रहा है. सामान्य एसिड टेस्ट, कसौटी और पुरानी कैरेट जांच मशीनों से इसकी पहचान करना बेहद मुश्किल है. इतना ही नहीं, ऐसे मिलावटी सोने की हॉलमार्किंग हो जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं. इससे ग्राहकों के लिए असली और मिलावटी सोने के बीच अंतर करना बड़ी चुनौती बन सकता है.
दो-तीन साल से सामने आ रहा मिलावट का नया तरीका
सराफा कारोबारियों के अनुसार, पिछले दो-तीन वर्षों से सोने में रुथेनियम, इरिडियम और ऑस्मियम जैसी भारी धातुओं की मिलावट की शिकायतें सामने आ रही हैं. इन धातुओं का घनत्व सोने से अधिक होने के कारण इनकी मौजूदगी से वजन बढ़ जाता है, जबकि सोने की वास्तविक मात्रा कम रहती है.
चीन से आने की आशंका
कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह कथित गोल्ड पाउडर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के रास्ते बाजारों तक पहुंच रहा है. आशंका जताई जा रही है कि इसे चीन में तैयार किया जा रहा है. इसकी लागत सोने की कीमत के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत बताई जा रही है.
कैसे पकड़ में आएगी मिलावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की मिलावट की पहचान के लिए एक्स-रे फ्लोरेसेंस यानी XRF और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी जैसी आधुनिक जांच तकनीकों की मदद ली जा सकती है. ऐसे में दीपावली और शादी के सीजन में सोने की खरीदारी करते समय केवल चमक, वजन, कसौटी या सामान्य जांच पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है. विश्वसनीय ज्वेलर से खरीदारी करें, BIS हॉलमार्क और HUID की आधिकारिक पुष्टि करें और संदेह होने पर मान्यता प्राप्त लैब से विस्तृत जांच करवाएं.
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