- स्थानीय निकाय चुनाव से पहले बयान से पार्टी को नुकसान.
हिमाचल में आगामी शहरी निकायों और पंचायत चुनाव से पहले सियासी हलचल बढ़ गई है. विपक्ष पहले ही प्रदेश सरकार पर आपदा की आड़ में चुनावों को लटकाने का आरोप लगा रहा है. इस बीच प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री कौल सिंह का एक बयान चर्चा में हैं. उन्होंने कहा कि यदि दरंग विधानसभा का चुनाव वो जीत गए होते तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू नहीं, बल्कि वह होते. इस बयान से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
मंडी के पंडोह में बुधवार को आयोजित एक सम्मान समारोह में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने जनसभा को संबोधित किया. इस जनसभा के दौरान कौल सिंह ठाकुर ने कहा, “अगर मैं 2022 का विधानसभा चुनाव जीत गया होता तो आज सुखविंदर सिंह सुक्खू की जगह मैं मुख्यमंत्री होता और प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए जाते.” कौल सिंह ठाकुर के इस बयान ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है.
हिमाचल प्रदेश शहरी निकाय चुनाव की तारीख का ऐलान, नामांकन से लेकर नतीजों तक जानें पूरा शेड्यूल
कांग्रेस की अंदरूनी कलह उजागर
इस बयान ने पंचायती राज चुनावों के बीच कांग्रेस की अंदरूनी कलह को भी उजागर करने का काम किया है. अब सोशल मीडिया पर कौल सिंह का बयान तेजी से वायरल हो रहा है. जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. मंडी के वरिष्ठ नेता का ये बयान कई मायनों में अहम भी हैं. पहला, एक तो कौल सिंह ठाकुर को सुक्खू सरकार के साढ़े तीन साल बीतने के बाद संगठन और सरकार में कोई पद नहीं दिया गया है, दूसरा चार नगर निगमों में मंडी नगर निगम का चुनाव भी घोषित कर दिया गया है. इस बीच कौल सिंह का बयान चुनावों में कांग्रेस पार्टी पर भारी पड़ सकता है.
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेश से बाहर हैं. हालांकि, उनके पीछे इस बयान पर किसी कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वैसे भी हिमाचल की राजनीति में कांगड़ा के बाद मंडी जिला में सबसे ज्यादा 10 विधानसभा सीट हैं. भले ही 2022 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मंडी से मात्र एक ही सीट प्राप्त हुई हो, लेकिन सत्ता के सेमीफाइनल के रूप में देखे जा रहे स्थानीय निकायों और पंचायत चुनावों को ऐसे बयान प्रभावित कर सकतें हैं.
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस को घेरा, ‘नारी शक्ति वंदन सिर्फ…’
