हिमाचल प्रदेश सरकार ने लंबे समय से लंबित कर्मचारियों के वित्तीय लाभों पर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए या सेवा के दौरान मृत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की बकाया 30 प्रतिशत राशि तुरंत जारी करने के आदेश दे दिए गए हैं. इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधी राहत मिलेगी.
सरकार के अनुसार, इस अवधि के कर्मचारियों को पहले ही अंतरिम राहत के तहत पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी किस्त का भुगतान किया जा चुका है. इसके साथ ही मूल पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर 12 किस्तों में महंगाई भत्ता भी दिया गया था. अब शेष 30 प्रतिशत राशि जारी होने से कुल बकाया लगभग पूरा हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों को अपने लंबे समय से रुके पैसे मिल सकेंगे.
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बकाया खत्म करने के सख्त निर्देश
सरकार ने सभी पेंशन वितरण करने वाले प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस नई राशि के जारी होने के बाद किसी भी कर्मचारी की ग्रेच्युटी या अवकाश नकदीकरण से जुड़ा कोई बकाया लंबित नहीं रहना चाहिए. अधिकारियों को कहा गया है कि पात्र लाभार्थियों की सूची को जल्द अंतिम रूप देकर समय पर और पूरा भुगतान सुनिश्चित करें.
परिवारों को भी मिलेगा लाभ
यह आदेश उन कर्मचारियों के परिवारों पर भी लागू होगा, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी. ऐसे मामलों में परिवार को बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
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प्रदेश में लंबे समय से कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया को लेकर सरकार आलोचना झेल रही थी. ऐसे समय में यह फैसला सरकार के लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है. कर्मचारियों के संगठनों ने भी इस निर्णय को सकारात्मक बताया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी लंबित मामलों का जल्द समाधान होगा.
