- व्हाइट हाउस ने कहा, मीडिया के ज़रिए ईरान से बात नहीं होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मेजबानी में इस्लामाबाद में दो दौर की शांति वार्ता के बावजूद अभी तक इस संघर्ष को खत्म करने का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और यूरेनियम संवर्धन के दो बड़े मुद्दों को लेकर अभी तक सीजफायर की बात अटकी हुई है.
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. उन्होंने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप ने बातचीत करने का अनुरोध इसलिए किया क्योंकि अमेरिका अपने किसी भी उद्देश्य को हासिल नहीं कर पाया है.
पुतिन के साथ बैठक में बोले ईरानी विदेश मंत्री
रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान रूसी सरकारी मीडिया से बातचीत में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, ‘इस्लामिक गणराज्य पूरी तरह से स्थिर और मजबूत खड़ा है. अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध के कारण दुनिया अब ईरान की असली ताकत को समझ चुकी है और यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान एक स्थिर, मजबूत और पॉवरफुल सिस्टम है.’
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यह जानकारी ईरानी मंत्री के टेलीग्राम अकाउंट पर किए गए एक पोस्ट में अनुसार सामने आई है. जिसमें अब्बास अराघची ने यह भी कहा कि रूस ने ईरान का साथ दिया है और दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे भी जारी रखेंगे.
ईरान के साथ शांति वार्ता को लेकर व्हाइट हाउस का रुख क्या?
वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका के व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह ईरान के साथ मीडिया के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा. व्हाइट हाउस की असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी ओलिविया वेल्य ने CBS न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि अमेरिका प्रेस के जरिए ईरान के साथ बातचीत नहीं करेगा. दोनों पक्षों के बीच ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष के बीच अमेरिका की स्थिति बेहद मजबूत है और वह सिर्फ ऐसा समझौता करेगा, जो अमेरिकी लोगों के हित में हो. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे.’
ईरान पर परमाणु संवर्धन को लेकर दबाव बना रहे ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला अमेरिका और उसका सहयोगी इजरायल ईरान पर यूरेनियम संवर्धन छोड़ने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं. उनका आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है. हालांकि, तेहरान अमेरिका की ओर से लगाए इन सभी आरोपों को सिरे से नकारता आया है. अगर ईरान और अमेरिका के बीच समझौता नहीं होता है तो वॉशिंगटन की टेंशन बढ़ सकती है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह ईरान का संवर्धित यूरेनियम और न्यूक्लियर डस्ट चाहते हैं, जिसे लेकर उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया है. यह बयान उन्होंने पहले यह दावा करने के बावजूद दिया कि 12 दिन के युद्ध के दौरान उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट कर दिया था. हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने साफ कर दिया है कि मौजूदा कूटनीतिक प्रयासों में परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा शामिल नहीं होगी.
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