भिवाड़ी जिले के UIT थाना क्षेत्र में नाबालिग युवक से मारपीट और बरबरता मामले में थाना प्रभारी दारा सिंह सहित चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. परिजनों का आरोप है कि पीड़ित लोकेश को 21 अप्रैल को घर से पुलिस ने उठाया.
उसके बाद अगले दिन थानाधिकारी ने कहा जल्दी आधार कार्ड लेकर आओ लोकेश अस्पताल में भर्ती है. फिलहाल लोकेश को भिवाड़ी से जयपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया है जहां उसका इलाज जारी है.
क्या है पूरा मामला
परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे भिवाड़ी फेस-3 थाने से सिपाही गोपाल और अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और 16 वर्षीय लड़के को जबरन अपने साथ ले गए. उस समय लड़का पूरी तरह स्वस्थ था. बाद में चचेरे भाई के पास थाना प्रभारी का फोन आया, जिसमें लड़का रोते हुए मदद की गुहार लगा रहा था और खुद को बुरी तरह पीटे जाने की बात कह रहा था.
पीड़ित का निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
परिजनों ने बताया कि अगले दिन वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने युवक से मिलने नहीं दिया फिर थानाधिकारी ने फोन कर बताया कि जल्द ही आधार कार्ड लेकर आ जाओ लोकेश अस्पताल में भर्ती हैं. परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो लोकेश गंभीर अवस्था में वेंटिलेटर पर था. जिसको देखते हुए डॉक्टर्स ने लोकेश को जयपुर के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया. परिजनों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उन्हें फोटो और वीडियो लेने से भी रोका जिससे कि मामले को दबाया जा सके.
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एडिशनल एसपी को सौंपा गया मामला
भिवाड़ी ASP ब्रजेश उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल उपचार पुलिस की प्राथमिकता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए SC-ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच एडिशनल SP अतुल साहू को सौंपी गई है निष्पक्ष जांच के निर्देश दिये हैं.
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