उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक बस (ई-बस) सेवा न केवल यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि अन्य बसों की तुलना में इसमें किराया भी कम लगेगा. रोडवेज ने गोरखपुर से विभिन्न रूटों के लिए ई-बसों का ट्रायल शुरू कर दिया है. रोडवेज प्रबंधन का कहना है कि अगले दस दिनों में अयोध्या, काशी, सोनौली, तमकुहीराज आदि रूटों पर शेड्यूल बनाकर 20 ई बसों का विधिवत संचलन शुरू कर दिया जाएगा.
सार्वजनिक सड़क परिवहन के लिए जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योगी सरकार इलेक्ट्रिक बसों के संचलन पर विशेष जोर दे रही है. शहर के अंदर एक सीमित दूरी तक के लिए ई बसों के संचलन की कामयाबी के बाद अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) ने मध्यम और लंबी दूरी के लिए ई बसों के संचलन की कार्ययोजना बनाई है. इस कार्ययोजना के तहत गोरखपुर के दो प्रमुख बस स्टेशनों से 20 नई इलेक्ट्रिक बसें अयोध्या, बनारस, सोनौली सहित अलग-अलग महत्वपूर्ण मार्गों पर दौड़ेंगी.
कई महत्वपूर्ण स्थलों के लिए चलेगी बस
गोरखपुर से दूसरे कई महत्वपूर्ण गंतव्य के लिए ई-बसों के संचलन के निर्णय को योगी सरकार की तरफ से ‘ईको-फ्रेंडली’ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर स्थित सोनौली, वाराणसी, अयोध्या, बलिया व तमकुहीराज मार्ग पर ई बसों की सुविधा शुरू करने के लिए यूपी रोडवेज को नई ई-बसें मिल चुकी हैं.
यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के अनुसार गोरखपुर को ईको फ्रेंडली परिवहन के प्रथम चरण में गोरखपुर को 20 ई बसें मिली हैं. इनमें से 9 बसें वाराणसी और 3 बसें अयोध्या के लिए चलाई जाएंगी. जरूरत के हिसाब से बलिया, सोनौली और तमकुहीराज के लिए भी बसों की संख्या का निर्धारण किया का रहा है. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सबसे बड़ी जरूरत चार्जिंग स्टेशन की होती है. इसके लिए राप्तीनगर में हाईटेक चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है.
चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि चार्जिंग स्टेशन बन जाने के बाद अयोध्या, सोनौली और तमकुहीराज मार्ग पर ई-बसों का ट्रायल शुरू कर दिया गया है. इससे यह पता लगाया जा रहा है कि एक बार फुल चार्ज होने के बाद ई-बस वास्तविक रूप से कितनी दूरी तय कर ले रही है. अब तक जो परिणाम सामने आया है, उससे ई-बस एक बार में करीब ढाई सौ किमी की दूरी तय कर सकती है. ट्रायल के बाद अब रोडवेज अगले दस दिन में बसों के विधिवत संचलन की समय सारिणी जारी कर देगा.
सीएम योगी की मंशा के अनुरूप रूट चार्ट बनेगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, इलेक्ट्रिक बसों का रूट चार्ट इस प्रकार तैयार किया जाएगा, जिससे पूर्वांचल के सभी महत्वपूर्ण शहरों तथा पर्यटन स्थलों को और मजबूत कनेक्टिविटी मिल सके. ई-बसों के संचलन से यात्रियों की यात्रा आरामदायक और प्रदूषण मुक्त होगी. साथ ही ईंधन की बचत होने के कारण परिवहन निगम इसका लाभ यात्रियों को कम किराए के रूप में देगा. सामान्य बसों का औसत बेस फेयर जहां 1.93 रुपये प्रति किमी आता है. जबकि ई-बस का औसत बेस फेयर 1.63 रुपये प्रति किमी रहने का अनुमान है. इसे सामान्य तरीके से समझें, तो यात्रियों को सामान्य बसों की तुलना में किराए में प्रति सौ किमी पर 30 रुपये की बचत होगी.
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