उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके स्थित गौर ग्रीन सोसाइटी के एक फ्लैट में आज (29 अप्रैल) भीषण आग लग गई. बताया जा रहा है कि आग नौवीं मंजिल पर लगी और देखते ही देखते तेरहवीं मंजिल तक पहुंच गई. आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी देखी जा सकती थीं. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में हुई इस आग की घटना का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. वहीं इंद्रपुरम में आग को बुझाने के लिए एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है.
लपटे इतनी ऊंची की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी दिखी
इंदिरापुरम इलाके में गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के फ्लैट में लगी आग की लपटें इतनी ऊंची थी की उसने ऊपरी फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया. आगे के बाद पूरा आसमान काले धुएं से भर गया और देखते ही देखते आसपास के फ्लैटों में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक आग 9वीं मंजिल से 15वीं मंजिल तक पहुंच गई. इसकी लपटे आसमान में इतनी ऊंची थी की इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जा रहे लोगों ने भी देखा. घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमों को भी दी गई, जिसके बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और राह-बचाव के कार्य में जुटी गई.
दमकल और NDRF की टीमों ने आग पर पाया काबू
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित एक अपार्टमेंट में लगी आग पर काबू पा लिया गया. एनडीआरएफ और मेरठ से बुलाई गई हाइड्रोलिक मशीन की मदद से आग बुझाने का काम किया गया. गाजियाबाद की ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के टावर-डी की नौवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 943 में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया था और कुछ ही देर में एक के बाद एक कर 6 फ्लौटों को इसने अपनी चपेट में ले लिया.
घटना में अब तक कोई भी जानहानि नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अग्निशमन विभाग की विफलता है, क्योंकि पानी नौवीं मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहा था और दमकल की गाड़ियों के जाने का भी उचित रास्ता नहीं होने से आग बुझाने में काफी दिक्कत हुई. लोगों का कहना है कि पानी नहीं पहुंच पाने की वजह से आग बुझाने में ज्यादा समय लगा. वहीं एक बुजुर्ग भी फ्लैट में फंसे हुए थे, जिन्हें सकुशल रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया है. फिलहाल इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और न ही कोई अन्य व्यक्ति फंसा हुआ है.
एक दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं और लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश करती रहीं. मेरठ से बुलाई गई हाइड्रोलिक मशीन ने भी आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई. ऊंचाई अधिक होने की वजह से राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया.
