Aaj Ka Panchang: 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को कार्तिक कृष्ण पंचमी शाम 7:24 बजे तक रहेगी. नई दिल्ली में सुबह 9:04 बजे मृगशिरा नक्षत्र समाप्त होगा. आज शुभ समय देखते हुए एक बात ध्यान रखें. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 बजे शुरू होगा, लेकिन राहुकाल दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा.
इसलिए दोपहर में नया काम शुरू करने की योजना है तो दोनों समय साथ देखना उपयोगी होगा. दिन में नक्षत्र और शाम को तिथि बदलने के बाद रात में योग भी बदलेगा. हालांकि चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि में रहेगा. यहां जानिए आज के पंचांग और इन बदलावों का मतलब.
आज का पंचांग एक नजर में
वार- शुक्रवार
पूर्णिमांत मास- कार्तिक
अमांत मास- आश्विन
पक्ष- कृष्ण पक्ष
तिथि- पंचमी शाम 7:24 बजे तक, फिर षष्ठी
नक्षत्र- मृगशिरा सुबह 9:04 बजे तक, फिर आर्द्रा
योग- शिव रात 8:41 बजे तक, फिर सिद्ध
सूर्य राशि- तुला
चंद्र राशि- मिथुन
सूर्योदय- सुबह 6:31 बजे
सूर्यास्त- शाम 5:38 बजे
चंद्रोदय- रात 9:23 बजे
चंद्रास्त- सुबह 10:57 बजे
सभी समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं. चंद्रास्त का समय 30 अक्टूबर की सुबह का है, जबकि चंद्रोदय उसी तारीख की रात में होगा.
आज अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल कब साथ पड़ेंगे?
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक है. राहुकाल सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा. यानी अभिजीत का शुरुआती हिस्सा राहुकाल में आएगा.
जो लोग नया शुभ काम शुरू करते समय राहुकाल टालते हैं, उनके लिए अभिजीत के भीतर दोपहर 12:05 से 12:27 बजे का हिस्सा उससे बाहर रहेगा. इसके तुरंत बाद, दोपहर 12:27 बजे से दुर्मुहूर्त शुरू हो जाएगा.
यह समयों का मेल समझने के लिए उपयोगी है. विवाह, गृह प्रवेश या किसी विशेष संस्कार का मुहूर्त तय करने में उस कार्य के अलग नियम भी देखे जाते हैं. केवल अभिजीत का समय देखकर हर आयोजन का निर्णय नहीं किया जाता.
सुबह नक्षत्र बदलेगा, शाम को तिथि
सुबह 8:45 बजे कौलव करण समाप्त होकर तैतिल शुरू होगा. इसके 19 मिनट बाद, 9:04 बजे मृगशिरा की जगह आर्द्रा नक्षत्र आ जाएगा. किसी अनुष्ठान में नक्षत्र का संकल्प लेना हो तो सुबह के इस बदलाव का ध्यान रखें.
शाम 7:24 बजे पंचमी समाप्त होगी और षष्ठी शुरू हो जाएगी. इसलिए सुबह और देर शाम की पूजा के संकल्प में तिथि अलग होगी. पंचमी की समाप्ति नियमित पूजा बंद करने का समय नहीं है.
रात 8:41 बजे शिव योग समाप्त होकर सिद्ध योग शुरू होगा. नक्षत्र बदलने के बावजूद चंद्रमा आज मिथुन राशि में ही रहेगा. नक्षत्र परिवर्तन और राशि परिवर्तन अलग घटनाएं हैं; दोनों का एक साथ होना जरूरी नहीं.
शुक्रवार के शुभ समय क्या हैं?
मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48-5:40 बजे
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42-दोपहर 12:27 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:56-2:40 बजे
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:38-6:03 बजे
अमृत काल: रात 9:58-11:27 बजे
निशिता मुहूर्त: रात 11:39-31 अक्टूबर की रात 12:31 बजे
दोपहर का विजय मुहूर्त राहुकाल और दोनों दुर्मुहूर्त से बाहर है. शाम को गोधूलि का पूरा समय वर्ज्य में पड़ रहा है. इसलिए शुभ और अशुभ समय की अलग-अलग सूचियां पढ़ते हुए उनका आपसी मेल भी देखें.
राहुकाल, दुष्टमुहूर्त और वर्ज्य
राहुकाल- सुबह 10:41-दोपहर 12:05 बजे
यमगण्ड- दोपहर 2:51-शाम 4:14 बजे
गुलिक काल- सुबह 7:55-9:18 बजे
दुष्टमुहूर्त- सुबह 8:45-9:29 बजे
दूसरा दुष्टमुहूर्त- दोपहर 12:27-1:11 बजे
वर्ज्य- शाम 4:49-6:17 बजे
विडाल योग- सुबह 9:04-31 अक्टूबर सुबह 6:32 बजे
इन समयों का विचार परंपरागत रूप से नए शुभ कार्यों की शुरुआत में किया जाता है. रोज की पूजा, नौकरी और सामान्य दिनचर्या के लिए इन्हें पूरे दिन की मनाही न समझें.
करण, विशेष योग और व्रत की स्थिति
कौलव करण सुबह 8:45 बजे तक और तैतिल शाम 7:24 बजे तक रहेगा. इसके बाद गर करण 31 अक्टूबर की सुबह 6:08 बजे तक होगा, फिर वणिज शुरू होगा. यह आखिरी परिवर्तन अगले सूर्योदय, सुबह 6:32 बजे से पहले होगा, इसलिए 30 अक्टूबर के सूर्योदय आधारित पंचांग में शामिल है.
दिन के विवरण में भद्रा, नक्षत्र पंचक और गंडमूल का समय नहीं है. सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि, द्विपुष्कर या त्रिपुष्कर योग भी सूचीबद्ध नहीं हैं. व्रत-पर्व सूची में चातुर्मास के चौथे महीने का नौवां दिन दर्ज है.
आज की 3 जरूरी बातें
– अभिजीत मुहूर्त के भीतर दोपहर 12:05-12:27 बजे का हिस्सा राहुकाल से बाहर रहेगा.
– सुबह 9:04 बजे नक्षत्र, शाम 7:24 बजे तिथि और रात 8:41 बजे योग बदलेगा.
– चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा. नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 9:23 बजे होगा.
यह पंचांग नई दिल्ली-NCR के स्थानीय समय और पंचांग गणना पर आधारित है. स्थान बदलने पर सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और स्थानीय मुहूर्त में अंतर हो सकता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
