How To Make Amla Pickle At Home: आंवले का अचार भारतीय घरों में काफी पसंद किया जाता है. खट्टे-तीखे स्वाद वाला यह अचार दाल-चावल से लेकर पराठे तक के साथ खाया जाता है. घर पर आंवले का अचार बनाना भी मुश्किल नहीं है, बस आंवले को सही तरह से तैयार करने और मसालों की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. अलग-अलग जगहों पर इसे बनाने का तरीका भी अलग है. कहीं सरसों के तेल का इस्तेमाल होता है, तो कहीं तिल के तेल के साथ अचार तैयार किया जाता है.
आंवला चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
अचार के लिए ताजा और सख्त आंवले लेना बेहतर रहता है. आंवले हरे या हल्के हरे रंग के हों और उनमें नरम हिस्सा, झुर्रियां या दाग नहीं होने चाहिए. बहुत बड़े आंवले कुछ ज्यादा रेशेदार हो सकते हैं, जबकि बहुत छोटे आंवले में गूदा कम होता है. नवंबर से फरवरी के बीच आंवला आसानी से मिलता है और इस दौरान अचार बनाने के लिए इसकी उपलब्धता भी अच्छी रहती है. आंवले को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाना जरूरी है. अचार में नमी रह जाने से खराब होने और फफूंद लगने का खतरा बढ़ सकता है.
आंवले को कैसे तैयार करें
आंवले को अचार के हिसाब से पूरा रखकर उसमें कांटे या टूथपिक से छोटे-छोटे छेद किए जा सकते हैं. इन्हीं छेदों से मसाले अंदर तक पहुंचते हैं. कुछ रेसिपी में आंवले को चार हिस्सों में काटा जाता है, जबकि इंस्टेंट अचार के लिए इसे छोटे टुकड़ों या स्लाइस में काट सकते हैं. कई पारंपरिक रेसिपी में आंवले को पहले भाप में पकाया या प्रेशर कुकर में एक-दो सीटी तक पकाया जाता है. इससे आंवला थोड़ा नरम हो जाता है और मसालों का स्वाद अच्छी तरह लेता है. हालांकि, इसे ज्यादा नहीं पकाना चाहिए, वरना आंवला बहुत नरम हो सकता है.
आंवले के अचार के लिए कौन से मसाले चाहिए
अचार में मेथी दाना, सौंफ, सरसों के बीज, कलौंजी, हल्दी, हींग और लाल मिर्च जैसे मसाले इस्तेमाल किए जाते हैं. मेथी अचार को खास स्वाद देती है, जबकि सौंफ खट्टेपन को बैलेंस करती है. सरसों के बीज और कलौंजी अचार को तेज स्वाद देते हैं. तेल का चुनाव भी अचार के स्वाद में बड़ा फर्क डालता है. उत्तर भारतीय तरीके के अचार में सरसों का तेल ज्यादा इस्तेमाल होता है. वहीं दक्षिण भारतीय शैली में तिल का तेल आम है. सरसों के तेल को पहले गर्म करके फिर ठंडा करने के बाद इस्तेमाल किया जाता है.
घर पर आंवले का अचार बनाने का तरीका
500 ग्राम आंवले के लिए उत्तर भारतीय स्टाइल में करीब डेढ़ कप सरसों का तेल, 2 बड़े चम्मच सौंफ, 1 बड़ा चम्मच मेथी दाना, 1 बड़ा चम्मच कलौंजी, 1 बड़ा चम्मच हल्दी, 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च, 1 छोटा चम्मच हींग और स्वादानुसार नमक लिया जा सकता है. सबसे पहले आंवले धोकर अच्छी तरह सुखा लें और उनमें कांटे से छोटे छेद कर दें. इसके बाद इन्हें भाप में या प्रेशर कुकर में एक-दो सीटी तक पकाएं. आंवले नरम होने के बाद उन्हें ठंडा होने दें.

अब सरसों के तेल को कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक उसमें धुआं आने लगे. गैस बंद करके तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें. दूसरी तरफ सौंफ और मेथी दाने को हल्का भून लें. ध्यान रखें कि मेथी ज्यादा न भुने, क्योंकि इससे अचार कड़वा हो सकता है. ठंडा होने के बाद इन मसालों को दरदरा पीस लें. अब एक साफ और सूखे बर्तन में आंवले डालें. इसमें पिसी हुई सौंफ और मेथी, हल्दी, लाल मिर्च, कलौंजी, हींग और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिला दें.
इस मिश्रण को साफ और सूखे कांच के जार में भर दें. ध्यान रखें कि आंवले तेल में पूरी तरह डूबे रहें. अगर तेल कम है तो थोड़ा और तेल डाला जा सकता है. जार को कुछ दिनों के लिए धूप में भी रखा जा सकता है. उत्तर भारतीय स्टाइल का यह अचार करीब दो हफ्ते में खाने लायक हो जाता है.
मीठा आंवला अचार भी बना सकते हैं
अगर आपको मीठा-खट्टा स्वाद पसंद है तो आंवले का मीठा अचार भी बनाया जा सकता है. 500 ग्राम आंवले के लिए एक कप सरसों या तिल का तेल, एक कप कद्दूकस किया हुआ गुड़, 2 बड़े चम्मच दरदरी सरसों, एक बड़ा चम्मच मेथी, हल्दी, लाल मिर्च, नमक और हींग की जरूरत होगी. आंवले काटकर तेल और मसालों के साथ पकाएं. इसके बाद गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं, जब तक गुड़ पिघलकर मिश्रण थोड़ा गाढ़ा न हो जाए. ठंडा होने के बाद इसे साफ और सूखे जार में भर दें. इसका स्वाद कुछ दिनों बाद और बेहतर हो जाता है.
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अचार को खराब होने से कैसे बचाएं
आंवले, मसाले, जार और चम्मच में नमी नहीं होनी चाहिए. अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. आंवले तेल में पूरी तरह डूबे रहने चाहिए. अचार को ठंडी और सूखी जगह पर रखना बेहतर है. जार खोलने के बाद इसे फ्रिज में भी रखा जा सकता है. अगर अचार में फफूंद दिखाई दे, बदबू आने लगे, आंवले बहुत ज्यादा चिपचिपे या खराब हो जाएं या अचार में असामान्य बुलबुले दिखाई दें तो उसे खाना ठीक नहीं है. आंवले का अचार स्वादिष्ट जरूर है, लेकिन इसमें नमक और तेल की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है.
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