उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मौलाना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. यह घटना अब विवाद का रूप लेती जा रही है. पुलिस इसे सामान्य हादसा बता रही है, लेकिन परिवार और कुछ संगठनों के आरोपों ने मामले को संवेदनशील बना दिया है.
बरेली जिले में मौलाना तौसीफ रजा की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, 27 अप्रैल की सुबह करीब 7:25 बजे रेलवे ट्रैक के पास एक शव मिलने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची टीम ने मृतक की पहचान बिहार के किशनगंज निवासी तौसीफ के रूप में की. प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि यह एक दुर्घटना हो सकती है.
क्या है पूरा मामला
अधिकारियों के अनुसार, तौसीफ ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े थे और संभवतः तबीयत बिगड़ने के कारण नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. हालांकि, जैसे-जैसे घटना की जानकारी सार्वजनिक हुई, इस पर सवाल भी उठने लगे. कुछ राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. एक ओर जहां जांच की मांग तेज हुई है, वहीं दूसरी तरफ घटना को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने से मामला और उलझ गया है.
ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन ने आरोप लगाया है कि तौसीफ बरेली में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और लौटते समय ट्रेन में उनके साथ मारपीट और लूटपाट की गई. उनका दावा है कि कुछ लोगों ने उन्हें ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे उनकी जान चली गई. मृतक की पत्नी तबस्सुम ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि घटना के दौरान उनके पति ने उन्हें वीडियो कॉल कर बताया था कि कुछ लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पति को अन्य यात्रियों से मदद मांगने को कहा, लेकिन कोई आगे नहीं आया. तबस्सुम का यह भी दावा है कि उन्होंने कॉल के दौरान अपने पति को पिटते हुए देखा.
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इस मामले की होनी चाहिए निष्पक्ष जांच
शाहबुद्दीन ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह सिर्फ हादसा था, तो फिर मारपीट की बात क्यों सामने आ रही है. उनके मुताबिक, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. फिलहाल, पुलिस का कहना है कि शुरुआती स्तर पर इसे दुर्घटना माना गया था और उस समय परिवार ने भी ऐसा ही माना था. लेकिन अब परिजनों की ओर से नए आरोप लगाए जा रहे हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर परिवार की तरफ से औपचारिक शिकायत दी जाती है, तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने पीड़ित परिवार को दिया कार्रवाई का भरोसा
बरेली पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही कार्रवाई की गई थी. एसपी सिटी मानुष पारिक के अनुसार, शव मिलने के बाद सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं और पोस्टमार्टम कराया गया. उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर मामला दुर्घटना का लगा था, लेकिन अब परिजन मारपीट की आशंका जता रहे हैं. पुलिस ने परिवार से बातचीत की है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है.
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