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BRICS: MSME के लिए विशेष मिशन का प्रस्ताव, सांसद बोले- ‘भारतीय कारोबार को…’


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  • यह मिशन भारतीय उत्पादों हेतु निर्यात, बाजार पहुंच बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन भारत के व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है. चांदनी चौक से सांसद और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि ब्रिक्स के जरिए भारत वैश्विक दक्षिण में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, निवेश और निर्यात को बढ़ावा दे सकता है.

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स भारत के लिए ऐसा महत्वपूर्ण मंच है, जहां भारतीय कारोबारियों को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों से जोड़ने के नए रास्ते बनाए जा सकते हैं. इससे व्यापारियों, निर्यातकों, MSME, स्टार्टअप और सर्विस सेक्टर को फायदा मिल सकता है.

इसके साथ ही, उन्होंने ’ब्रिक्स बिजनेस फैसिलिटेशन मिशन फॉर MSMEs एंड ट्रेडर्स’ बनाने का प्रस्ताव रखा है. इस मिशन का मकसद भारतीय व्यापारियों और छोटे-मझोले उद्योगों को ब्रिक्स देशों के बाजारों तक सीधे पहुंच दिलाना होगा.

BRICS का विस्तार भारतीय उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण- प्रवीण

दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ‘इस मिशन के तहत बिजनेस-टू-बिजनेस संपर्क, नए निर्यात बाजारों की पहचान, बाजार की जानकारी, बायर-सेलर मीट और व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने जैसे काम किए जा सकते हैं. साथ ही, MSME और कारोबारियों को विदेशों में व्यापार करते समय आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में भी मदद मिल सकती है.’ 

उन्होंने कहा, ‘ब्रिक्स के विस्तार से भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुलने की संभावना है. टेक्सटाइल, दवाइयां, इंजीनियरिंग उत्पाद, खाद्य पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक्स, हस्तशिल्प, खिलौने और पारंपरिक भारतीय सामान जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं.’

मेड इन इंडिया और मेड फॉर द वर्ल्ड के लिए BRICS अहम- प्रवीण

व्यापारियों के मुताबिक, मेड इन इंडिया और मेड फॉर द वर्ल्ड की सोच को ब्रिक्स देशों के बाजारों तक पहुंचाने के लिए इस मंच का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है. प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट, लॉजिस्टिक्स, तकनीक, वित्तीय कनेक्टिविटी और व्यापार को आसान बनाने के क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ने से सीमा पार कारोबार को भी गति मिलेगी. इससे भारतीय कंपनियों और छोटे कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार करना आसान हो सकता है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका सीमित नहीं- प्रवीण

प्रवीण खंडवाल ने BRICS को लेकर यह भी कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल भागीदारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक मुद्दों और वैश्विक एजेंडे को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.’ उनके अनुसार, प्रस्तावित बिजनेस फैसिलिटेशन मिशन इसी वैश्विक भूमिका को जमीनी स्तर पर कारोबारियों और MSME के लिए वास्तविक अवसरों में बदल सकता है. 

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