अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई के सीनियर अधिकारियों से शुक्रवार (16 अक्टूबर) को मुलाकात की. सीबीआई अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष और न्यायसंगत ढंग से मामले की जांच करने का आश्वासन मिला. अंकिता के पिता वीरेन्द्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी के साथ बीजेपी के सांसद अनिल बलूनी भी मौजूद रहे.
इस मुलाकात के बाद अंकिता के पिता ने कहा, “आज हम सीबीआई मुख्यालय गए थे और वहां पर डायरेक्टर साहब से हमारी भेंट हुई. हमारे लोकसभा के सांसद अनिल बलूनी भी हमारे साथ में थे. हमने मांग की कि सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट होने तक दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल की शपथ न दिलाई जाए.”
‘…तो हम फिर करेंगे धरना-प्रदर्शन’
इसके आगे उन्होंने कहा कि रेणु बिष्ट के बयान दर्ज करने और रिसॉर्ट तोड़ने का आदेश किसने दिया था, इसकी जांच हो. इसके अलावा, 22 से 24 सितंबर 2022 तक रेणु बिष्ट की कॉल डिटेल, 18 से 24 सितंबर तक अजय कुमार और दुष्यंत कुमार गौतम की कॉल डिटेल, लोकेशन और 12 से 19 सितंबर 2022 तक आरोपी पुलकित आर्य की कॉल डिटेल निकाली जाए. एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट नहीं कराया गया, तो हम फिर धरना-प्रदर्शन करेंगे.
अंकिता भंडारी की मां ने जारी किया वीडियो, नार्को टेस्ट की मांग की
इंडिया गेट पर माता-पिता ने दिया था धरना
बता दें कि अंकिता के माता-पिता दिल्ली में इंडिया गेट पर 14 अक्टूबर को धरने पर बैठ गए थे. दोनों से मुलाकात करने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे थे. अंकिता के परिजनों की मांग है कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर रोक लगनी चाहिए.
ऋषिकेश के नजदीक वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रही 19 साल की अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराया था और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
आरोपों को खारिज कर चुके हैं दुष्यंत गौतम
अंकिता के माता-पिता का आरोप है कि इस हत्याकांड में जिस कथित ‘‘वीआईपी’’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वह दुष्यंत गौतम हैं. 18 सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम बीजेपी की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे. वो पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुके हैं.
