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CBSE का बड़ा कदम, कक्षा 3 से 8 तक पढ़ाई जाएगी AI और Computational Thinking


सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा में एआई और नई तकनीक को शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई का नया करिकुलम फ्रेमवर्क जारी किया है. इसका उद्देश्य शुरुआती कक्षाओं से ही छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान और डिजिटल तकनीक की समझ विकसित करना है. सीबीएसई का कहना है कि नया फ्रेमवर्क स्कूलों को आयु के अनुसार उपयुक्त गतिविधियों के माध्यम से कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की अवधारणाओं को पढ़ाने का एक व्यवस्थित तरीका उपलब्ध कराएगा. 

क्या है नया करिकुलम फ्रेमवर्क?

नए फ्रेमवर्क की तहत छात्रों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि उसके पीछे की सोच और कार्य प्रणाली को भी समझाया जाएगा. इसमें तार्किक सोच, पैटर्न पहचान, एल्गोरिथमिक सोच, क्रिएटिविटी और व्यवस्थित तरीके से समस्याओं का समाधान जैसे कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके साथ ही छात्रों को एआई की मूल अवधारणाओं और रोजाना की जिंदगी में इसके उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वह तकनीक के  जिम्मेदारी से उपयोगकर्ता और निर्माता बन सके.  

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IIT गांधीनगर के साथ शुरू होगी, नई ऑनलाइन सीरीज 

सीबीएसई ने सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से 3030 एकलव्य कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑनलाइन सीरीज भी शुरू की है. इस ऑनलाइन सीरीज के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की एक्टिविटी आधारित अध्ययन सामग्री, इंटरएक्टिव सेशन और एसटीईएम शिक्षा से जुड़े इनोवेशन को समझने का अवसर मिलेगा. इसका उद्देश्य कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की अवधारणा को आसान और व्यावहारिक तरीके से सीखने में मदद करना है. 

15 अगस्त से शुरू होंगे लाइव सेशन 

इस कार्यक्रम के लिए इच्छुक छात्र और शिक्षक eklavya.iit gandhinagar.ac.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. लाइव सेशन 15 अगस्त से शुरू होगा. कुल आठ ऑनलाइन सेशन आयोजित किए जाएंगे, जो हर रविवार शाम 4:00 बजे होंगे. सीबीएसई से संबंधित स्कूलों के शिक्षकों के लिए प्रत्येक एपिसोड को स्कूल आधारित प्रशिक्षण के तहत 3सीपीडी हावर्स के रूप में भी मान्यता दी जाएगी. इसके लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा. इस ऑनलाइन सीरीज में भाग लेने के लिए छात्रों और शिक्षकों को 8 एपिसोड के लिए 200 रुपये की फीस देनी होगी. वहीं सीबीएस ने यह भी बताया है कि एनसीईआरटी और सीबीएसई मिलकर ऐसा पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं, जिससे छात्रा अपनी मातृभाषा में भी आसानी से पढ़ सके और समझ सके.

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