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Chor Panchak 2026: चोर पंचक आज कब खत्म होगा ? फिर सावन में निडर होकर करें धन से जुड़े ये काम


चोर पंचक आज रात 10 बजे खत्म हो जाएंगे. इसके बाद सावन में आप बेझिझकर घर का निर्माण, छत डलवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा, लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना जैसे रुके हुए कार्य बिना किसी रुकावट के कर सकते हैं.

चोर पंचक खत्म होने के बाद सोना, चांदी या कीमती वस्तुओं की खरीदारी करना। संपत्ति, प्लॉट, मकान या वाहन खरीदने की प्रोसेस को आगे बढ़ाना. पैसों का लेन-देन या निवेश करने जैसे कार्य कर सकते हैं.

चोर पंचक खत्म होने के बाद सोना, चांदी या कीमती वस्तुओं की खरीदारी करना। संपत्ति, प्लॉट, मकान या वाहन खरीदने की प्रोसेस को आगे बढ़ाना. पैसों का लेन-देन या निवेश करने जैसे कार्य कर सकते हैं.

मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेना हो तो पंचक समाप्त होने के साथ शुभ मुहूर्त भी देखना उचित माना जाता है. इससे कार्य में सफलता मिलती है.

मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेना हो तो पंचक समाप्त होने के साथ शुभ मुहूर्त भी देखना उचित माना जाता है. इससे कार्य में सफलता मिलती है.

अगला पंचक 27 अगस्त 2026 गुरुवार से शुरू होगा, जिसकी समाप्ति 1 सितंबर 2026 को होगी. गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को अशुभ नहीं माना जाता है.

अगला पंचक 27 अगस्त 2026 गुरुवार से शुरू होगा, जिसकी समाप्ति 1 सितंबर 2026 को होगी. गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को अशुभ नहीं माना जाता है.

मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु के अनुसार गुरुवार से शुरु होने वाले पंचक को रोग, राज, अग्नि, चोर या मृत्यु पंचक की श्रेणी में नहीं रखा गया है. वहीं बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में बृहस्पति को शुभ ग्रह माना गया है. इसी आधार पर ज्योतिषाचार्य गुरुवार से प्रारंभ पंचक को अपेक्षाकृत शुभ या सामान्य पंचक मानते हैं.

मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु के अनुसार गुरुवार से शुरु होने वाले पंचक को रोग, राज, अग्नि, चोर या मृत्यु पंचक की श्रेणी में नहीं रखा गया है. वहीं बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में बृहस्पति को शुभ ग्रह माना गया है. इसी आधार पर ज्योतिषाचार्य गुरुवार से प्रारंभ पंचक को अपेक्षाकृत शुभ या सामान्य पंचक मानते हैं.

पंचक तब लगता है जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध से लेकर शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र तक भ्रमण करता है.

पंचक तब लगता है जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध से लेकर शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र तक भ्रमण करता है.

Published at : 04 Aug 2026 01:04 PM (IST)

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