कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाली है. ये आंदोलन काफी बड़ा होने वाला है. कई बड़े लोग इसमें शामिल होने वाले हैं. सीजेपी आंदोलन की तैयारियों में लगी हुई है. इसी बीच आशुतोष रांका ने पुलिस के लिए एक संदेश लिखा है. उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस के हाथों पर तो 20 का खून है. क्या आप भी वही चाहते है?.
आशुतोष ने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, देशभर की पुलिस के नाम एक संदेश. हमें पता है कि इस समय जो भी आपसे करवाया जा रहा है, वो ऊपर के निर्देश से हो रहा है. लेकिन आप अपने बच्चों पर ऐसे कैसे हाथ उठा रहे है? आप उनको रात के अंधेरे में ऐसे गुंडों की तरह कैसे लेकर जा रहे है?
क्या आपके जमीर को ठेस नहीं पहुंच रही?
आशुतोष ने आगे लिखा, क्या आपका मन इस बात की गवाही दे रहा है? क्या यह सब करने से आपके जमीर को ठेस नहीं पहुंच रही? क्या अगर आपके बच्चे होते, तो भी आप उनसे ऐसे ही बर्ताव करते? ब्रिटिश राज में भी कुछ पुलिसकर्मी ऐसे थे जिन्होंने अपने ही देशवासियों के ख़िलाफ गोलियां चलायी थी, यह कहकर कि वो ड्यूटी कर रहे है. लेकिन याद रखिए, आज देश उन पुलिसवालों को गद्दार ही मानता है.
देशभर की पुलिस के नाम एक संदेश। हमें पता है कि इस समय जो भी आपसे करवाया जा रहा है, वो ऊपर के निर्देश से हो रहा है। लेकिन आप अपने बच्चों पर ऐसे कैसे हाथ उठा रहे है? आप उनको रात के अंधेरे में ऐसे गुंडों की तरह कैसे लेकर जा रहे है? क्या आपका मन इस बात की गवाही दे रहा है? क्या यह सब करने से आपके ज़मीर को ठेस नहीं पहुँच रही? क्या अगर आपके बच्चे होते, तो भी आप उनसे ऐसे ही बर्ताव करते? ब्रिटिश राज में भी कुछ पुलिसकर्मी ऐसे थे जिन्होंने अपने ही देशवासियों के ख़िलाफ़ गोलियाँ चलायी थी, यह कहकर कि वो ड्यूटी कर रहे है। लेकिन याद रखिए, आज देश उन पुलिसवालों को गद्दार ही मानता है। दिल्ली पुलिस के हाथों पर तो 20 July का खून है। क्या आप भी वही चाहते है? आपको पता है कि हम सब पढ़ने लिखने वाले बच्चे है। हक की लड़ाई लड़ रहे है। अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे है। आपको यह भी पता है कि हम गांधी और अंबेडकर में मानने वाले लोग है। अहिंसा और संविधान के रास्ते पर चलने वाले लोग है। हम ना हाथ उठायेंगे, ना मारपीट करेंगे। लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप कुछ भी कर ले, हम हर हाल में कल जंतर मंतर पहुचेंगे। और देश को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई लड़ेंगे। फ़ैसला आपको करना है, कि आप इतिहास में किस तरह याद किया जाना पसंद करेंगे – जनरल डायर की तरह, या शहीद मंगल पांडे की तरह?
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) October 9, 2026
दिल्ली पुलिस के हाथों पर तो 20 जुलाई का खून है. क्या आप भी वही चाहते है? आपको पता है कि हम सब पढ़ने लिखने वाले बच्चे है. हक की लड़ाई लड़ रहे है. अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे है. आपको यह भी पता है कि हम गांधी और अंबेडकर में मानने वाले लोग है. अहिंसा और संविधान के रास्ते पर चलने वाले लोग है। हम ना हाथ उठायेंगे, ना मारपीट करेंगे.
हम हर हाल में जंतर-मंतर पहुंचेंगे
लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप कुछ भी कर ले, हम हर हाल में कल जंतर मंतर पहुचेंगे. और देश को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई लड़ेंगे. फैसला आपको करना है, कि आप इतिहास में किस तरह याद किया जाना पसंद करेंगे – जनरल डायर की तरह, या शहीद मंगल पांडे की तरह?
