जम्मू कश्मीर के बडगाम में बीती रात पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आसिफ़ उर्फ हाशिम मूसा को भारतीय सेना ने मार गिराया. आतंकी मोहम्मद आसिफ़ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना की SSG का रिटायर्ड हवलदार था और साल 2023 में SSG से रिटायर होकर आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ा था और भारत में घुसपैठ करके आया था.
पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर का रहने वाला आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा 21 दिसंबर 2023 को डेरा की गली आतंकी हमले और अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग में हुए आतंकी हमले में भी शामिल था. साथ ही यह पुंछ जिले में 4 मई 2024 को भारतीय एयरफोर्स के कॉन्वॉय पर हुए हमले को लीड कर रहा था, जिसमें एक भारतीय एयरफोर्स के अधिकारी की मौत हो गई थी और 5 घायल हो गए थे.
पाकिस्तानी सेना में दे चुका है सेवा
आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में 23 साल तक कार्यरत था. हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना की 4 कमांडो यलगार बटालियन में था. इसका पाकिस्तानी आर्मी नंबर PA-3106947 था. साथ ही पाकिस्तान की National Database and Registration Authority (NADRA) ने मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को 12 सितंबर 2020 में शिनाख्ती कार्ड (CNIC card) रिश्यू किया था. जिसका नंबर 37105-9228244-5 था. साथ ही ये शिनाख्ती कार्ड (CNIC card) 2030 तक एक्टिव था.
आतंकी मोहम्मद आसिफ का परिवार पाकिस्तान के अटक जिले के नसीराबाद इलाके के ढोक मलियार गांव से तालुक रखता था. साल 2015 में आतंकी मोहम्मद आसिफ अपनी पत्नी आबिदा परवीन और 3 बेटियों के साथ रावलपिंडी शिफ्ट हुआ था. 23 साल तक पाकिस्तानी सेना में हवलदार के पद पर रहने वाला आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा 2006 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा में भी तैनात था.
पाकिस्तान सेना ने दिए थे कई सम्मान
आसिफ 2006 में बलूचिस्तान में BLA के खिलाफ ऑपरेशन, 2011-12 में कुर्रम एजेंसी, 2014-15 में उत्तरी वजीरिस्तान और दक्षिणी वजीरिस्तान और 2015-16 में खैबर एजेंसी में टीटीपी के खिलाफ हुए ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना की SSG की तरफ से शामिल था. आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को पाकिस्तानी सेना में कार्यरत होने के दौरान तमगा ए इस्तेगाल और तमगा ए आजम जैसे मेडलों से भी पाकिस्तानी सेना ने सम्मानित किया था.
साल 2009 में आतंकी मोहम्मद आसिफ़ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना की तरफ से सूडान में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में भी शामिल हुआ था, साथ ही 31 मार्च 2023 को 42 साल की उम्र में पाकिस्तानी सेना से रिटायर होने के बाद मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा भारत में घुसपैठ करके आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का जम्मू कश्मीर में चीफ कमांडर बन गया.
