Punjab Student Suicide: पंजाब के गुरदासपुर जिले के काहनूवान ब्लॉक के गांव झंडा लुबाना से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां एक छात्र ने स्कूल प्रशासन के सख्त व्यवहार से दुखी होकर अपनी जान ले ली. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. मृतक की पहचान नवजोत सिंह के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 15 साल थी. वह नजदीकी कस्बे दसूहा के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता था.
27 अप्रैल को हुई घटना के बाद उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद हार गया और उसने दम तोड़ दिया. परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
धूप में खड़ा करने की सजा बनी मौत की वजह
जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 अप्रैल को हुई, जहां स्कूल प्रशासन ने नवजोत सिंह को किसी गलती के लिए सख्त सजा दी. आरोप है कि उसे लगातार दो पीरियड तक तेज धूप में खड़ा किया गया, जिससे उसे काफी शर्मिंदगी महसूस हुई.
ये भी पढ़ें: BJP में शामिल हुए AAP सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR, जल्द होगी गिरफ्तारी!
घर लौटने के बाद इस बेइज्जती और मानसिक परेशानी से दुखी होकर छात्र ने कोई जहरीली दवा निगल लिया. जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार वाले ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
सहपाठियों ने किया पर्दाफाश
नवजोत के सहपाठियों और अंतिम संस्कार में शामिल अन्य छात्रों ने स्कूल प्रशासन के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. घटना का जिक्र करते हुए छात्रों ने खुलासा किया कि स्कूल प्रशासन अक्सर छात्रों के साथ सख्ती और दुर्व्यवहार करते है. छात्रों ने मांग की है कि नवजोत के परिवार को इंसाफ मिले और दोषी स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
नवजोत सिंह की मौत के बाद गांव में शोक का लहर दौड़ गई. परिवार ने भारी दिलों और नम आंखों से गांव में उसका अंतिम संस्कार किया. परंपरा के अनुसार, वह बहुत छोटा था, इसलिए परिवार ने उसे दूल्हे की तरह सेहरा बांधकर अंतिम विदाई दी. इस घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है. अब देखना होगा कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है.
ये भी पढ़ें: पंजाब विधानसभा में राघव चड्ढा का जिक्र कर CM भगवंत मान का निशाना, ‘चाय और समोसे का…’
