हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने पंचायती राज चुनावों के नतीजों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुए हैं. अब जब परिणाम घोषित हो चुके हैं तो निर्वाचित प्रतिनिधियों को विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन विपक्ष लगातार चुनावी नतीजों को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है.
प्रेस वार्ता के दौरान जगत सिंह नेगी ने कहा कि हाल ही में हुए पंचायती राज चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े गए थे. ऐसे में इन परिणामों को किसी पार्टी की जीत या हार के रूप में पेश करना सही नहीं है.
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उन्होंने कहा कि पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनावों की प्रकृति अलग होती है, जहां स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार की पहचान, लोकप्रियता और क्षेत्रीय समीकरण ज्यादा मायने रखते हैं.
नेगी ने कहा कि कुछ नगर निकायों के चुनावों के परिणाम जरूर सामने आए हैं, लेकिन अभी सभी निकायों के चुनाव पूरे नहीं हुए हैं. ऐसे में सीमित नतीजों के आधार पर बड़े राजनीतिक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है.
पंचायतों में सामूहिक निर्णय की व्यवस्था
मंत्री ने कहा कि पंचायत व्यवस्था किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलती. पंचायत प्रधान अकेले विकास कार्यों या योजनाओं पर फैसला नहीं कर सकता. पंचायत के वार्ड सदस्यों और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहमति से ही निर्णय लिए जाते हैं.
उन्होंने बताया कि यही व्यवस्था पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भी लागू होती है, जहां बहुमत और सामूहिक सहमति के आधार पर काम होता है. इसलिए किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव की बात करना वास्तविकता से दूर है.
विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप
जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष सीमित चुनावी नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और इसे अपनी राजनीतिक सफलता के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन जनता को भ्रमित करना सही नहीं है.
उनका कहना था कि विपक्ष को विकास, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन वह केवल चुनावी परिणामों को लेकर राजनीति कर रहा है.
मंत्री ने कहा कि आज आम लोग महंगाई, बढ़ती रसोई गैस की कीमतों, रोजगार और आर्थिक चुनौतियों से परेशान हैं. ऐसे समय में जनता को राहत देने वाले मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कुछ नीतियों के कारण कई कल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है.
मनरेगा को लेकर भी उठाए सवाल
प्रेस वार्ता में जगत सिंह नेगी ने मनरेगा योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले इस योजना के तहत ग्रामीण लोगों को रोजगार की बेहतर गारंटी मिलती थी, लेकिन अब कई बदलावों के कारण लोगों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने दावा किया कि बजट और फंडिंग में कमी के चलते पंचायत स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस जरूरी है, लेकिन राजनीति का केंद्र जनता की समस्याएं और विकास होना चाहिए. निर्वाचित प्रतिनिधियों को अब चुनावी बहस छोड़कर अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों में जुट जाना चाहिए.
