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Mahoba News: ट्रिपल मर्डर में हत्यारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दी फांसी की सजा, सिलबट्टे से कुचलकर की थी हत्या


उत्तर प्रदेश महोबा में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ट्रिपल मर्डर के दोषी पति को फांसी की सजा सुनाई है. दो साल पहले घरेलू विवाद में नशेड़ी पति देवेंद्र विश्वकर्मा ने अपनी ही पत्नी और दो मासूम बच्चियों की पत्थर के सिलबट्टे से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. माननीय न्यायालय ने इस जघन्य अपराध को अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड का ऐतिहासिक आदेश दिया है.

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को फांसी के फंदे पर लटकने की सुनाई सजा

रिश्तों का कत्ल करने वाले एक हैवान पिता और पति को आखिरकार उसके पापों की अंतिम सजा मिल गई है. महोबा के अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी ने तिहरे हत्याकांड के दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा को मौत की सजा सुनाते हुए आदेश दिया है कि उसे तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए. 

मामला महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर मोहल्ले का है, जहां 17 जुलाई 2023 को एक ऐसी खौफनाक वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया था. आरोपी देवेंद्र विश्वकर्मा, जो शराब और गांजे का आदी था, आए दिन घर में खाने-पीने और पैसों को लेकर विवाद करता था. घटना के दिन भी घरेलू विवाद के चलते इस हैवान ने अपनी पत्नी रामकुमारी, 9 साल की मासूम बेटी आरुषि और 6 साल की सोनाक्षी पर पत्थर के सिलबट्टे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

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आरोपी ने सिर की हड्डियां चकनाचूर की थी

मला इतना बर्बर था कि तीनों के सिर की हड्डियां तक चकनाचूर हो गई थीं. वारदात के बाद मृतका के पिता हरिप्रसाद ने अपने दामाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. शासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दिनेश सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप राजपूत ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा. 

इस हाई-प्रोफाइल केस में 5 पुलिसकर्मियों, एक डॉक्टर और मृतका के परिजनों सहित कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. घटना के वक्त घर में अभियुक्त और पीड़ितों के अलावा कोई तीसरा मौजूद नहीं था, और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पूरी तरह देवेंद्र के खिलाफ थे, इसलिए अदालत ने सभी साक्ष्यों और पत्रावलियों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद इसे जघन्य अपराध माना और समाज में कड़ा संदेश देते हुए आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का फैसला सुनाया. इस फैसले से पीड़ित परिवार और अभियोजन पक्ष पूरी तरह संतुष्ट हैं.

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