Headlines

Onion Mandi Rate: लाल प्याज को अलवर मंडी में खाली करें किसान भाई, लगातार बढ़ रही डिमांड


Red Onion Mandi Rate: प्याज की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. राजस्थान की अलवर मंडी में नई लाल प्याज की आवक शुरू हो गई है और इसकी खरीदारी के लिए दूसरे राज्यों से भी व्यापारी पहुंच रहे हैं. शुरुआती दिनों में किसानों को प्याज के अच्छे भाव मिल रहे हैं. इससे पिछले सीजन में कम कीमतों के कारण नुकसान उठाने वाले किसानों को इस बार राहत की उम्मीद जगी है. 

अलवर मंडी में नई लाल प्याज की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है. फिलहाल अलग-अलग दिनों में यहां रोजाना करीब 10 से 20 हजार कट्टे प्याज पहुंच रहे हैं. व्यापारियों को उम्मीद है कि, दिवाली के बाद मंडी में आवक और तेज हो सकती है. कुछ व्यापारियों का अनुमान है कि, आने वाले दिनों में रोजाना 50 हजार से लेकर एक लाख कट्टे तक प्याज पहुंच सकते हैं. 

40 किलो प्याज पर मिल रहे 1300 से 1700 रुपये

इस समय अलवर मंडी में लाल प्याज के भाव करीब 1,300 से 1,700 रुपये प्रति 40 किलो तक बताए जा रहे हैं. यानी किसानों को प्याज की क्वालिटी के हिसाब से लगभग 32.50 से 42.50 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल सकता है. अच्छी क्वालिटी और सही तरीके से सुखाई गई प्याज को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद रहती है. हालांकि, मंडी में भाव रोज बदलते हैं. इसलिए फसल लेकर जाने से पहले ताजा भाव और खरीद की जानकारी जरूर ले लें.

दूसरे राज्यों तक जाती है अलवर की लाल प्याज

अलवर की लाल प्याज की मांग सिर्फ आसपास के बाजारों तक सीमित नहीं है. यहां से प्याज उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भेजी जाती है. दूसरे राज्यों से व्यापारी यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं. यही वजह है कि इस मंडी में प्याज का कारोबार बड़े स्तर पर होता है. मांग बनी रहने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अच्छा बाजार मिल सकता है.

यह भी पढ़ें: पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद भी जलाई पराली, लग सकता है मोटा जुर्माना

पिछले साल कम भाव से किसानों को हुआ था नुकसान

पिछले सीजन में प्याज के दाम कम रहने से कई किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो गया था. इस वजह से कुछ किसानों ने प्याज की खेती कम कर दी थी. इस बार शुरुआती आवक के साथ अच्छे भाव मिलने से उम्मीद बढ़ी है. हालांकि, किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मंडी में आवक बढ़ने पर कीमतों पर दबाव आ सकता है.

मंडी में प्याज ले जाने से पहले रखें ध्यान

किसान प्याज को अच्छी तरह सुखाकर और खराब या सड़ी हुई गांठों को अलग करके मंडी ले जाएं. गीली प्याज रखने से उसकी क्वालिटी खराब हो सकती है और सही भाव मिलने में दिक्कत आ सकती है. साथ ही कट्टों की तौल, ढुलाई और मंडी से जुड़े खर्च का हिसाब भी पहले लगा लें. केवल ऊंचे भाव देखकर बिक्री का फैसला न करें, बल्कि खर्च काटने के बाद मिलने वाली कमाई को भी समझें.

यह भी पढ़ें: क्या अमेजन जंगल में भी होती है खेती, वहां क्या उगाते हैं किसान?



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *