उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से वन्यजीव संघर्ष की रोंगटे खड़े करने वाली खबर सामने आई है, यहां एक तेंदुए और ग्रामीणों के बीच संघर्ष देखने को मिला है. यह मामला थाना गजरौला क्षेत्र के दियोरा गांव में से सामने आया है, जब खेत में काम कर रहे किसानों पर तेंदुए ने हमल कर दिया. हालांकि, ग्रामीणों ने तेंदुए के सामने समर्पण करने की बजाय, सामना करने का साहस दिखाया. ग्रामीणों ने लाठियों के दम पर तेंदुए को दबोच लिया, इस संघर्ष में पांच किसान घायल हुए हैं.
वहीं, इस घटना को लेकर ग्रामीण बताते हैं कि वे तेंदुए के रेस्क्यू का इंतजार कर ही रहे थे कि अचानक खूंखार तेंदुए ने किसानों पर हमला कर दिया. देखते ही देखते खेतों में जद्दोजहद शुरू हो गई. ग्रामीणों ने हार नहीं मानी और अपनी जान जोखिम में डालकर तेंदुए को कपड़े के सहारे जमीन पर दबाकर पकड़ लिया.
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पिंजरे में किया कैद
वहीं, इस हिंसक झड़प में 5 किसान लहूलुहान हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पिंजरे में कैद किया. फिलहाल तेंदुए को रेंज ऑफिस ले जाया गया है, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसका मेडिकल और इलाज किया जा रहा है. इस पूरे मामले में ग्रामीणों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है.
वन विभाग पर लगा लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कल शाम ही वन विभाग को इलाके में दो तेंदुओं की मौजूदगी की सूचना दे दी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. आज सुबह जब किसान खेतों में दवा का छिड़काव कर रहे थे, तभी तेंदुए ने उन पर हमला किया. ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग समय पर पहुंच जाता, तो आज 5 किसान अस्पताल में न होते. फिलहाल, इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों ने डर के मारे खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है.
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