Security Agency In India: आज के समय में मॉल, बैंक, अस्पताल, स्कूल, फैक्ट्री और रिहायशी सोसाइटी जैसी जगहों पर सिक्योरिटी गार्ड्स की मांग तेजी से बढ रही है. यही वजह है कि कई लोग अपना सिक्योरिटी एजेंसी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन यह काम सिर्फ गार्ड भर्ती करके उन्हें नौकरी पर भेज देना ही काफी नहीं होता है. भारत में सिक्योरिटी एजेंसी चलाने के लिए सरकार ने अलग-अलग नियम और प्रावधान बनाए हैं.
किसी भी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को शुरू करने के लिए PSARA License लेना जरूरी होता है. कई बार लोग बिना नियमों की जानकारी के एजेंसी शुरू कर देते हैं, लेकिन उन्हें बाद में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. PSARA का पूरा नाम Private Security Agencies Regulation Act, 2005 है. गृह मंत्रालय के नियमों के मुताबिक बिना इस लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति या कंपनी सिक्योरिटी एजेंसी नहीं चला सकती. यह लाइसेंस राज्य सरकार की Controlling Authority जारी करती है और हर राज्य के नियमों में कुछ छोटे बदलाव हो सकते हैं. इसलिए एजेंसी शुरू करने से पहले कानूनी प्रक्रिया समझना बेहद जरूरी है.
कितना पढ़ा-लिखा होना चाहिए?
सिक्योरिटी एजेंसी खोलने के लिए पूरे भारत में कोई एक तय उच्च शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है, लेकिन आमतौर पर एजेंसी मालिक या संचालक का कम से कम 10वीं या 12वीं पास होना व्यावहारिक रूप से जरूरी है. कई राज्यों में आवेदन के दौरान शैक्षणिक प्रमाण पत्र मांगे जाते हैं. अगर आप सिक्योरिटी एजेंसी को कंपनी (Private Limited) या LLP (Limited Liability Partnership) के रूप में शुरू करना चाहते हैं तो सिर्फ बिजनेस शुरू करना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसमें जुड़े हर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान पता प्रमाण और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की पूरी जांच जरूरी होती है.
साथ ही सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने वाले व्यक्ति का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसके खिलाफ किसी गंभीर अपराध का मामला दर्ज नहीं होना चाहिए. सिक्योरिटी गार्ड्स की भर्ती के लिए उनकी उम्र 18 से 65 साल के बीच होनी चाहिए और उन्हें तय ट्रेनिंग पूरी करनी होती है. पूर्व सैनिकों या पुलिस सेवा का अनुभव होने पर अतिरिक्त फायदा मिलता है.
सिक्योरिटी एजेंसी शुरू करने का पूरा प्रोसीजर
सबसे पहले आपको अपना बिजनेस स्ट्रक्चर तय करना होता है, जैसे Sole Proprietorship, Partnership, LLP या Private Limited Company. इसके बाद PAN, आधार, एड्रेस प्रूफ, और ईएसआई/ईपीएफ (ESI/EPF) रजिस्ट्रेशन जुडे जरूरी दस्तावेज तैयार करने होते हैं. साथ ही सिक्योरिटी एजेंसी शुरू करने से पहले आपको किसी मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के साथ एक आधिकारिक समझौता यानी MOU – Memorandum of Understanding करना होता है, ताकि आपके यहां काम करने वाले सिक्योरिटी गार्ड्स को सही और जरूरी ट्रेनिंग मिल सके.
इसके बाद PSARA लाइसेंस के लिए राज्य की Controlling Authority के पास आवेदन किया जाता है. जहां आपको आवेदन के साथ पुलिस वेरिफिकेशन, ऑफिस डिटेल्स, मालिक की पहचान, शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज जमा करने होते हैं. आपको बता दें कुछ राज्यों में आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन भी होती है, जहां गृह मंत्रालय के विभाग में जाकर फॉर्म जमा करना पड़ता है.आवेदन करने के बाद अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है और सब कुछ सही मिलने पर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है. कई राज्यों में यह लाइसेंस 5 साल तक वैध रहता है, जिसके बाद रिन्यू कराना होता है.
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कितना खर्च आता है और किन बातों का रखें ध्यान
सिक्योरिटी एजेंसी शुरू करने में खर्च राज्य और काम के दायरे पर निर्भर करता है. अगर आप एक जिले में एजेंसी चलाना चाहते हैं तो फीस कम होती है, जबकि पूरे राज्य के लिए फीस ज्यादा हो सकती है. इसके अलावा ऑफिस सेटअप, यूनिफॉर्म, ट्रेनिंग, स्टाफ भर्ती और कानूनी दस्तावेजों का खर्च अलग होता है. कई विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की जरूरत पड़ सकती है. ध्यान रहे कि लाइसेंस मिलने के बाद भी आपको गार्ड्स का रिकॉर्ड, ट्रेनिंग डिटेल्स और क्लाइंट जानकारी सुरक्षित रखनी होती है. साथ ही नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस रद्द भी हो सकता है. इसलिए अगर आप यह बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो पहले पूरी कानूनी जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें.
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