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Shukra Gochar 2026: 12 साल बाद कर्क राशि में शुक्र-गुरु की युति से बनेगा ‘गजलक्ष्मी राजयोग’, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत


Shukra Gochar 2026: सुख, वैभव और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र देव 8 जून 2026 को शाम 05:42 बजे मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. प्रसिद्ध कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास के अनुसार, कर्क राशि में शुक्र का यह गोचर बेहद दुर्लभ संयोग बनाने जा रहा है. यहां पहले से मौजूद देवगुरु बृहस्पति के साथ शुक्र की युति होगी, जिससे करीब 12 साल बाद ‘गजलक्ष्मी राजयोग’ का निर्माण हो रहा है.

डा. अनीष व्यास ने बताया कि 4 जुलाई 2026 तक रहने वाले शुक्र के इस राशि परिवर्तन का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, वैश्विक बाजारों और सभी 12 राशियों के जीवन पर देखने को मिलेगा. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इस महागोचर और राजयोग का आपकी राशि पर क्या शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ने वाला है.

8 जून को शुक्र का कर्क राशि में गोचर: समय और अवधि

पंचांग और ग्रह गोचर की गणना के अनुसार, शुक्र ग्रह 8 जून 2026 को शाम 05:42 बजे मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे.
गोचर की अवधि: शुक्र देव 4 जुलाई 2026 को शाम 07:14 बजे तक इसी राशि में रहेंगे. इसके बाद वह सिंह राशि में गोचर कर जाएंगे. लगभग 26 दिनों के इस गोचर काल में शुक्र का प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेगा.

12 साल बाद बनेगा ‘गजलक्ष्मी राजयोग’

कर्क राशि में पहले से ही देवगुरु बृहस्पति मौजूद हैं. ऐसे में 8 जून को शुक्र के आते ही यहाँ शुक्र और गुरु की युति होगी. इस युति से बेहद शुभ माना जाने वाला ‘गजलक्ष्मी राजयोग’ बनेगा. कर्क राशि में करीब 12 वर्षों के बाद इस अद्भुत राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो कई राशियों के लिए धन-धान्य के द्वार खोलेगा.

ज्योतिष में शुक्र का महत्व और स्वभाव

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को नवग्रहों में छठा ग्रह और वृषभ व तुला राशि का स्वामी माना जाता है.

  • नक्षत्र स्वामित्व: 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों पर शुक्र का आधिपत्य है.
  • मित्र और शत्रु ग्रह: बुध और शनि शुक्र के मित्र ग्रह हैं, जबकि सूर्य और चंद्रमा को इनका शत्रु माना जाता है.
  • उच्च और नीच स्थिति: शुक्र मीन राशि में उच्च के और कन्या राशि में नीच के होते हैं. उच्च का शुक्र शुभ फल और भौतिक सुख देता है, जबकि कमजोर या नीच का शुक्र अशुभ परिणाम लाता है.

पौराणिक संदर्भ: शुक्र का पौराणिक नाम शुक्राचार्य है, जो महर्षि भृगु के पुत्र और भगवान शिव के परम भक्त हैं. इनके पास मृत जीवों को जीवित करने वाली ‘अमृत संजीवनी विद्या’ है.

अमृत संजीवनी’ का वैश्विक प्रभाव: शुक्र के पास अमृत संजीवनी होने के कारण, इस गोचर के दौरान यदि कोई प्राकृतिक आपदा या अप्रिय घटना घटती भी है, तो उसके जन शून्य (कम आबादी वाले) स्थानों पर होने की संभावना रहेगी. दुर्घटना की स्थिति में भी लोग सुरक्षित बचने में सफल रहेंगे.

देश-दुनिया और अर्थव्यवस्था पर असर

शुक्र के इस राशि परिवर्तन से बाजार और सामाजिक व्यवस्था में निम्नलिखित बदलाव देखने को मिल सकते हैं:

अर्थव्यवस्था: देश की आर्थिक स्थिति के लिए यह गोचर शुभ संकेत दे रहा है. व्यापार में तेजी आएगी.

महंगाई और राहत: खाने-पीने की चीजों की कीमतें सामान्य रहेंगी. सब्जियां, दलहन और तिलहन के दाम कम हो सकते हैं.

मशीनरी और धातु: सोना, चांदी और मशीनरी सामान महंगे होने के आसार हैं. दूध से बने उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा.

कला और मीडिया: कलयुग में शुक्र को कला, मीडिया, फिल्म, संगीत, फैशन-डिजाइनिंग और रोमांस का कारक माना जाता है. इस अवधि में क्रिएटिव और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है.

शुक्र गोचर 2026: सभी 12 राशियों का राशिफल

मेष राशि (Aries): सेहत का विशेष ध्यान रखें. लेन-देन के मामलों में सावधानी बरतें, अन्यथा धनहानि हो सकती है. व्यापार के लिहाज से गोचर बेहतर रहेगा. मकान-वाहन खरीदने के योग बनेंगे. विवाह की बातें कुछ रुकावटों के बाद सफल होंगी.

वृषभ राशि (Taurus): आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. आपके निर्णय सराहनीय रहेंगे. हालांकि, परिजनों के साथ वैचारिक मतभेद या बहसबाजी हो सकती है. भाग्य भाव पर दृष्टि होने से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी और यात्रा से लाभ होगा.

मिथुन राशि (Gemini): मकान या वाहन खरीदने का संकल्प पूरा हो सकता है. कार्यक्षेत्र में विरोधियों का प्रभाव बढ़ेगा, इसलिए विवादों से दूर रहें. कोर्ट-कचहरी के मामलों को बाहर ही सुलझा लेना समझदारी होगी. सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी.

कर्क राशि (Cancer): मन में थोड़ा उद्वेग या चिंता रह सकती है, लेकिन अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें. आपकी रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी. नया काम शुरू करने या किसी एग्रीमेंट पर साइन करने के लिए समय अनुकूल है. वैवाहिक चर्चाएं सफल रहेंगी.

सिंह राशि (Leo): अत्यधिक भागदौड़ के कारण थकान का अनुभव हो सकता है. गुप्त शत्रुओं की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आने के संकेत हैं. ननिहाल पक्ष से सहयोग मिलेगा. कर्ज लेने से बचें.

कन्या राशि (Virgo): आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और काफी समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है. नया व्यापार शुरू करने के लिए समय अनुकूल है. संतान पक्ष से जुड़ी चिंता दूर होगी, हालांकि परिजनों से मामूली विवाद संभव है.

तुला राशि (Libra): शासन-सत्ता का पूरा सहयोग मिलेगा. राजनीति या चुनाव से जुड़े निर्णय लेना चाहते हैं तो समय उत्तम है. मित्रों और रिश्तेदारों से भरपूर सहयोग मिलेगा. भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के योग हैं.

वृश्चिक राशि (Scorpio): धार्मिक और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. आपके द्वारा किए गए कार्यों और निर्णयों की समाज में सराहना होगी. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहने वाला है.

धनु राशि (Sagittarius): कार्यक्षेत्र में विरोधी आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए वाद-विवाद से दूर रहें. आकस्मिक धन लाभ के योग हैं. उधार दिया पैसा वापस मिल सकता है. किसी कीमती वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं.

मकर राशि (Capricorn): यात्रा और देशाटन से लाभ होगा. विदेश वीजा के लिए आवेदन करना चाह रहे हैं तो सफलता मिलने के पूरे योग हैं. समाज और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा. आपके फैसलों की तारीफ होगी.

कुंभ राशि (Aquarius): इस अवधि में आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ सकती है. आपके करीबी लोग ही आपके खिलाफ षड्यंत्र रचने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें. अपने और माता-पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.

मीन राशि (Pisces): शिक्षा के क्षेत्र में छात्र बड़ी कामयाबी हासिल करेंगे, हालांकि प्रतियोगिता में अच्छे अंकों के लिए प्रयास बढ़ाने होंगे. प्रेम संबंधों में थोड़ा मनमुटाव हो सकता है. नवदंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति के योग हैं.

शुक्र को मजबूत करने के उपाय

यदि कुंडली में शुक्र कमजोर हो या गोचर के दौरान अशुभ फल दे रहा हो, तो ये उपाय करने चाहिए:

  • मां लक्ष्मी की पूजा: नियमित रूप से माता लक्ष्मी की उपासना करें और श्री सूक्त का पाठ करें.
  • दान कार्य: शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र, दही, खीर, ज्वार, इत्र, चांदी या चावल का दान करें.
  • जीव दया: अपने भोजन का कुछ हिस्सा रोजाना गाय, कौवे और कुत्ते को खिलाएं.
  • जीवनशैली: महिलाओं का सम्मान करें. शुक्रवार का व्रत रखें और इस दिन खट्टा खाने से परहेज करें. चमकदार सफेद और गुलाबी रंगों का अधिक प्रयोग करें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 



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